यूपी की इन ग्राम पंचायतों में भुगतान के खेल में फंसे 6 सचिव, DPRO ने लिया ऐक्शन
यूपी के गोंडा जिले में पंचायतों में भुगतान के खेल में 6 सचिव फंस गए हैं। जिले की छह ग्राम पंचायतों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीपीआरपो ने ऐक्शन लेते हुए जवाब मांगा है।

Gonda News: यूपी के गोंडा जिले में पंचायत पेमेंट गेटवे के बाहर 13.79 लाख रुपये के भुगतान के मामले में डीपीआरओ लालजी दूबे ने जिले की छह ग्राम पंचायतों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीपीआरओ ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यो का भुगतान ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड कार्ययोजना के आधार पर केवल पंचायत पेमेंट गेटवे के माध्यम से ही किया जाना अनिवार्य है।
जांच में सामने आया कि कुछ ग्राम पंचायतों में निर्धारित पोर्टल का उपयोग किए बिना अन्य माध्यम से भुगतान कर दिया गया। इस पर कार्रवाई करते हुए परसपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बक्सैला के सचिव सुनील कुमार राम, ग्राम पंचायत मधईपुर कुर्मी के सचिव जितेन्द्र गुप्ता और ग्राम पंचायत अकोहरी के सचिव विजय प्रकाश को नोटिस जारी किया गया है। वहीं हलधरमऊ ब्लॉक की ग्राम पंचायत गौरवा खुर्द के सचिव जगजीत सिंह, वजीरगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत मझारा के सचिव राम देव भास्कर और रूपईडीह ब्लॉक की ग्राम पंचायत पकड़ी मारूडीह के सचिव राजेश चौधरी को भी कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
जारी नोटिस के अनुसार ग्राम पंचायत अकोहरी में 3,86,332 रुपये, बक्सैला में 1,93,503 रुपये, मधईपुर कुर्मी में 1,73,602 रुपये, गौरवा खुर्द में 1,09,246 रुपये, मझारा में 5,12,882 रुपये तथा पकड़ी मारुडीह में 3,550 रुपये का भुगतान पंचायत गेटवे के बजाय अन्य माध्यम से किया गया। इस प्रकार इन छह ग्राम पंचायतों में कुल 13,79,115 रुपये का भुगतान नियमों के विपरीत पाया गया है। डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि सभी संबंधित सचिवों से तीन दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
लेखपाल से स्पष्टीकरण तलब
वहीं एक मामले में एसडीएम ने लेखपाल के विरुद्ध मिलीं विभिन्न शिकायत व विभागीय लापरवाही के बाद नोटिस देकर स्पष्टीकरण तलब किया है। एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने लेखपाल राजकुमार पांडेय को आठ सूत्रीय जांच आरोप पत्र के साथ नोटिस देकर पंद्रह दिवस के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। तहसील के विभिन्न राजस्व गांव में तैनात रहे लेखपाल राजकुमार पांडेय पर ग्रामीणों ने धन उगाही का आरोप लगा है। वहीं विभागीय लापरवाही का भी आरोप है। संबंधित मामले में नायब तहसीलदार ने जांच की थी। जिसके बाद लेखपाल का पक्ष जानने के लिए स्पष्टीकरण तलब किया है। हालांकि लेखपाल राजकुमार पांडेय ने आरोपो को निराधार बताया है।




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