सीएम योगी बोले- जो दिखेगा, वही समाज में बिकेगा, 517 लाख से बने आधुनिक स्कूल का लोकार्पण
लखनऊ के जन भवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 5.17 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित 'आदर्श माध्यमिक विद्यालय' का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे शिक्षा का एक आदर्श मॉडल बताया और कहा कि जो दिखेगा वही समाज में बिकेगा।

UP News: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन में आधुनिक सुविधाओं से लैस आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नवीन भवन का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। राज्यपाल द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए इस अभिनव प्रयास की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "जो दिखेगा, वही समाज में बिकेगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश के माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के लिए यह विद्यालय एक उत्कृष्ट मॉडल के रूप में काम करेगा।
5.17 करोड़ की लागत से बना 'स्मार्ट' स्कूल
इस आधुनिक विद्यालय के निर्माण पर कुल 5 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वित्तीय विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कुल राशि में से 4 करोड़ 70 लाख रुपये सरकार द्वारा दिए गए हैं, जबकि शेष धनराशि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सीएसआर (CSR) फंड और अपने व्यक्तिगत प्रयासों से अलग से जुटाकर इस भवन को पूर्णता प्रदान की है। यह सरकारी और सामाजिक सहभागिता का एक बेहतरीन उदाहरण है।
सीएम कंपोजिट विद्यालयों के लिए बनेगा मानक
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लोगों और शिक्षाविदों को बुलाकर इस स्कूल का मॉडल दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो 'सीएम कंपोजिट विद्यालय' बन रहे हैं, उनमें राजभवन के इस मॉडल को मानक के रूप में स्वीकार कर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। सीएम ने कहा कि जब भवन अच्छा और योग्य होता है, तो वह शिक्षा का अनुकूल माहौल बनाने में स्वतः मदद करता है।
प्रतिभा के लिए 'योजक' की आवश्यकता
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने संस्कृत श्लोक के माध्यम से प्रतिभा के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा, "कोई भी अक्षर सामर्थ्यहीन नहीं है और कोई भी मनुष्य अयोग्य नहीं है, बस उसे सही दिशा देने वाले 'योजक' की आवश्यकता होती है। आज हमारी राज्यपाल महोदया ने शिक्षा के क्षेत्र में वही 'योजक' की भूमिका निभाई है।" उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों—आर्यभट्ट, वराहमिहिर, सुश्रुत, चरक, जगदीश चंद्र बसु और सीवी रमन का उल्लेख करते हुए बच्चों को प्रेरित किया कि वे भी इसी वैज्ञानिक चेतना को आत्मसात करें।
राजभवन और जनभवन की नई पहचान
सीएम योगी ने इस बात पर भी संतोष व्यक्त किया कि पहली बार राजभवन की टीम जनभवन के रूप में गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल हुई है। यहां के बच्चों द्वारा आयोजित स्पोर्ट्स मीट और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां उनकी बहुमुखी प्रतिभा को प्रदर्शित करती हैं। उन्होंने अंत में दोहराया कि हमारी वर्तमान पीढ़ी ही देश का भविष्य है, और उनके लिए ऐसे बेहतरीन संस्थानों का निर्माण राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।




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