पश्चिमी यूपी की 'जाट' सियासत और योगी-जयंत की संयुक्त जनसभा, क्यों अहम है आज का दिन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी एक मंच पर आकर जनसभा को संबोधित करेंगे। यह दौरा हालिया जाट संसद विवाद के बाद राजनीतिक समीकरणों को संतुलित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

मुजफ्फरनगर के नुमाइश मैदान में आज प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी मंच साझा कर जनसभा को संबोधित करेंगे। इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से भाजपा-रालोद का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है। जनसभा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक समीकरण साधने एवं जाट मतदाताओं को भाजपा गठबंधन के पक्ष में एकजुट करने की भी रणनीति माना जा रहा है। इस जनसभा को 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। हाल के दिनों में मेरठ के सकौती में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जाट संसद और ‘जाट’ शब्द को लेकर हुई राजनीति ने माहौल गरमा दिया था। ऐसे में योगी आदित्यनाथ के साथ जयंत चौधरी की मौजूदगी को उस विवाद को संतुलित करने और संदेश देने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
एक सप्ताह से मुख्यमंत्री की जनसभा को लेकर तैयारी चल रही थी। पहले कार्यक्रम 10 अप्रैल को निर्धारित था, लेकिन सहारनपुर में 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए मुजफ्फरनगर में भी जनसभा एवं रोजगार मेले की तिथि में परिर्वतन कर 13 अप्रैल को कार्यक्रम निर्धारित किया गया। जनसभा में मुख्यमंत्री के साथ जयंत चौधरी भी शिरकत करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक समीकरण साधने का बड़ा प्रयास है। खासकर जाट मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में एकजुट करने की रणनीति इस कार्यक्रम के केंद्र में है।
वहीं, पुलिस प्रशासनिक स्तर पर जनसभा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए कार्यक्रम को शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
सीएम योगी मुजफ्फरनगर में करीब तीन घंटे तक रहेंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सोमवार को मुजफ्फरनगर में करीब तीन घंटे का दौरा प्रस्तावित है। उनके कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री सोमवार दोपहर 1:15 बजे पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर पहुंचेंगे। यहां से सड़क मार्ग से अहिल्याबाई चौक जाएंगे, जहां अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री कार द्वारा नुमाइश मैदान रवाना होंगे। नुमाइश मैदान में आयोजित वृहद रोजगार मेले में प्रतिभाग करेंगे। युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। यहीं पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसभा को संबोधित करेंगे।
प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया है। करीब तीन घंटे के इस दौरे के बाद मुख्यमंत्री दोपहर तीन बजे नुमाइश मैदान हैलीपेड से सीधे सहारनपुर रवाना होंगे। सहारनपुर में 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर खुद व्यवस्था संभालेंगे।
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी सड़क मार्ग से मुजफ्फरनगर आएंगे
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय कौशल विकास मंत्री स्वतंत्र प्रभार जयंत चौधरी नई दिल्ली से कार द्वारा सुबह आठ बजे मुजफ्फरनगर रवाना होंगे। इस दौरान वह बघरा में रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीराम तोमर के निधन होने पर शोक संतृप्त परिवार से मिलेंगे। नुमाइश मैदान में आयोजित वृहद रोजगार मेले में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी के साथ जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
अखिलेश यादव का निशाना
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सीएम योगी के दौरे को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने मेरठ के सेंट्रल मार्केट के पीड़ितों की आवाज उठाते हुए सीएम योगी को वहां भी जाने या उनके पीड़ितों को मुजफ्फरनगर बुलाने की बात कही है। अखिलेश ने एक्स पर लिखा कि मुख्यमंत्री मुजफ्फरनगर जा रहे हैं तो मेरठ के व्यापारियों से भी मिलते आएं या उन्हें मिलने ही बुला लें। जब इतनी गाड़ियों से भीड़ बुला रहे हैं तो मेरठ के दुखी परिवारों को भी बुला लें। मेरठ से मुजफ्फरनगर दूर ही कितना है। मंच से केवल वन-वे भाषण देंगे या जनता के दुख-दर्द भी सुनेंगे। आगे लिखा कि तुम्ही ने दर्द दिया है, तुम्ही दवा देना!




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