लखनऊ से बहराइच, गोंडा समेत नेपाल जाने वालों के लिए गुड न्यूज, 27 हजार करोड़ से बनेगा 6 लेन हाईवे
लखनऊ से बहराइच, गोंडा समेत नेपाल जाने वालों के लिए अच्छी खबर है। आने-जाने वालों का सफर आसान होगा। 153 किलोमीटर लंबे इस छह लेन हाईवे पर करीब 27 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास को रफ्तार देने वाला बाराबंकी-नेपाल हाईवे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) आधारित बनाया जाएगा। 153 किलोमीटर लंबे इस छह लेन हाईवे पर करीब 27 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह यूपी का दूसरा और पूर्वी क्षेत्र का पहला हाईवे होगा, जो पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। प्रदेश सरकार के पेश किए बजट के बाद इस हाईवे के निर्माण को अब शीघ्र गति मिलेगी। लखनऊ, बाराबंकी से गोंडा, बहराइच जिले के साथ ही नेपाल तक जाने का मार्ग अब और सुगम होगा। यह कार्य जिले का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट भी है।
पीपीपी मॉडल पर होगा विकास:
लखनऊ, पूर्वांचल और नेपाल के बीच आवागमन आसान होगा, जिससे यात्रा समय और परिवहन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे पहले प्रदेश में हाइब्रिड एन्युटी माडल पर केवल जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाला मार्ग बना गया है। यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) माडल आधारित योजना है। सरकार और निजी डेवलपर्स के बीच वित्तीय जोखिम को साझा करता है। इसमें 40 प्रतिशत परियोजना लागत का भुगतान सरकार निर्माण के दौरान करती है, जबकि 60 प्रतिशत विकासकर्ता लगाता है।
हाइब्रिड एन्युटी मॉडल से होगा निर्माण:
बाराबंकी से बहराइच होते हुए नेपाल सीमा तक बनने वाला यह हाईवे क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक निवेश के लिए मील का पत्थर साबित होगा। परियोजना केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत बुनियादी ढांचे के तेज विकास के लिए हाइब्रिड एन्युटी माडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें खास बात यह है कि छह लेन की जमीन लेकर बीच में फोरलेन का एक्सप्रेसवे बनाया जाता है। हाइब्रिड एन्युटी माडल में निजी डेवलपर को डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण और रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाती है, जबकि सरकार वित्तीय जोखिम का बड़ा हिस्सा वहन करती है। बदले में डेवलपर को 15 से 20 वर्षों तक निश्चित वार्षिकी भुगतान मिलता है, जिससे उसे स्थिर आय सुनिश्चित होती है। इस माडल पर अभी तक गुजरात, असोम, मेघालय, कर्नाटक और बिहार हाईवे बनाया गया है।
सीसी कैमरे से राजमार्ग की निगरानी होगी
बनने वाले महत्वपूर्ण और हाईटेक हाईवे बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जिले सीधे लाभांवित होंगे। सीसी कैमरे से राजमार्ग की निगरानी होगी। परियोजना में करीब 153 किमी लंबे मार्ग को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। सरयू, कल्याणी नदी, शारदा सहायक नहरों सहित कई जगहों पर पुल का निर्माण होगा।
एनएचएआई चीफ इंजीनियर अनंत मौर्य ने बताया कि यूपी का दूसरा हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बाराबंकी-बहराइच वाया नेपाल तक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाएगा। इसमें सरकार और डेवलपर दोनों मिलकर वित्तपोषण करते हैं। यह पीपीपी माडल पर हाईवे निर्मित होगा। यूपी सरकार के जारी बजट के अब निर्माण कार्य को गति मिलेगी।




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