यूपी में डीएम को इन्हें 15 दिनों में देना होगा नया शस्त्र लाइसेंस, विधान परिषद का सरकार को निर्देश
उत्तर प्रदेश में अब इन्हें आवेदन 15 दिनों के भीतर निपटा कर डीएम को नया शस्त्र लाइसेंस जारी करना होगा। उत्तर् प्रदेश विधान परिषद में पीठ ने इसकी व्यवस्था दी है। नेता सदन ने भी व्यवस्था के पालन के लिए हां कर दिया है।

यूपी में विरासत वाले शस्त्र लाइसेंस के आवेदन 15 दिनों के भीतर निपटा कर डीएम को नया शस्त्र लाइसेंस जारी करना होगा। उत्तर् प्रदेश विधान परिषद में पीठ ने इसकी व्यवस्था दी है। विधान परिषद में पीठ ने भी इस व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए हैं। दरअसल, शुक्रवार को सदन में भाजपा सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने चित्रकूटधाम मंडल के जिलों में विरासत वाले शस्त्र लाइसेंस के आवेदनों के काफी समय से लम्बित होने का मामला उठाया था। जिस पर सरकार ने मण्डल के महोबा, बांदा एवं चित्रकूट जिले में एक़ भी आवेदन लंबित नहीं होने की जानकारी देते हुए बताया कि हमीरपुर जिले में भी बीते जनवरी में सभी जारी किए गए।
इस पर देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि जब उन्होंने सदन में प्रश्न लगाया तब हमीरपुर के डीएम ने एक को छोड़ सभी के लाइसेंस जारी किए हैं। सदन के कई अन्य सदस्यों ने भी विभिन्न जिलों का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह की देरी जान-बूझकर और भ्रष्टाचार के कारण की जाती है। इस पर पीठ ने कहा कि डीएम से पूछा जाना चाहिए कि इतना लम्बा समय क्यों लगता है। कई सदस्यों ने इस बारे में कोर्ट द्वारा न्यूनतम समय में विरासत के लाइसेंस जारी करने के आदेश की भी जानकारी।
पीठ की व्यवस्था का सरकार पालन कराएगी, नेता सदन बोले
इसके बाद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने व्यवस्था देते हुए सरकार को निर्देश दिए कि वह सभी डीएम को आदेश जारी करें कि वे पूर्ण आवेदन प्राप्त होते ही अधिकतम 15 दिनों के भीतर विरासत वाले शस्त्र लाइसेंस जारी करें। नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पीठ की व्यवस्था का सरकार पालन कराएगी।
बजट सत्र 10 दिन में 75 घंटे चला, दो घंटे ही हुआ व्यवधान
यूपी विधानमंडल का बजट सत्र विधान सभा 10 दिनों में कुल 75.08 घंटे चली जबकि 2.23 मिनट व्यवधान भी रहा। इस दौरान सरकार ने विनियोग सहित कुल छह विधेयक पारित कराए। इनमें उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) विधेयक, उत्तर प्रदेश नगर पालिका (संशोधन) विधेयक व उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक शामिल हैं। विधान सभा में इस बार कुल 2427 प्रश्न प्राप्त हुए। इनमें से 2322 यानी 95.67 प्रतिशत आनलाइन मिले। स्वीकृत प्रश्नों की संख्या 1956 है। इनमें से 958 प्रश्नों के उत्तर सदस्यों को दिए गए। नियम 301 के तहत कुल 694 सूचनाएं प्राप्त हुईं इनमें से 358 सूचनाएं स्वीकृत हुईं हैं। कार्यस्थगन प्रस्ताव के रूप में विपक्ष से कुल 62 सूचनाएं प्राप्त हुईं थीं इनमें से 16 सूचनाएं सुनी गईं और तीन सूचनाएं सरकार के ध्यान आकृष्ट कराने के लिए भेजी गईं।




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