जेवर बिकवाकर घूस लेने पर दरोगा के खिलाफ एसपी ने लिया तगड़ा ऐक्शन, पहले नपे थे चौकी प्रभारी भी
यूपी में शर्मनाक करतूत में एक दरोगा नप गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने दरोगा के खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया है। सीओ की जांच के बाद एसपी ने दरोगा को सस्पेंड कर दिया है।
Gonda News: यूपी के गोंडा जिले में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने जेवर बिकवाकर 15 हजार की रिश्वत लेने के आरोप में दर्जीकुआं के चौकी प्रभारी रहे दरोगा सुनील कुमार पाल को निलंबित कर दिया है। उन्होंने सीओ सदर की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। इससे पहले सोमवार को दर्जीकुआं चौकी प्रभारी को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया था। वहीं एक अन्य मामले एक सिपाही समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
देहात कोतवाली के दर्जीकुआं चौकी क्षेत्र के दौलतपुर निवासी गुलाम हैदर के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी किया था। आरोप है कि समन आने पर चौकी प्रभारी ने 15 हजार रुपये की मांग और कहा कि पैसे नहीं दोगे तो जेल भेज दूंगा।
इस पर गुलाम हैदर ने अपनी पत्नी के जेवर बेचकर चौकी इंचार्ज सुनील कुमार पाल को पैसे दिए। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत आईजी अमित पाठक को भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन पर की थी। इस पर उन्होंने मामले में जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दरोगा सुनील कुमार पाल को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी चौकी प्रभारी के खिलाफ पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
सिपाही समेत चार लोगों पर मुकदमा दर्ज
वहीं कोतवाली नगर में एक सिपाही समेत चार लोगों के खिलाफ धोखधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई है। खरगूपुर थाना क्षेत्र के अचलापुर के रहने वाले निबई की तहरीर पर कोतवाली में भदोही में तैनात सिपाही दिनेश कुमार समेत चार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है सिपाही ने अन्य साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी करते हुए उनकी जमीन हड़प ली है। पीड़ित निबई के मुताबिक सिपाही दिनेश कुमार और उसके भाई हजारी प्रसाद ने श्याम कुमार यादव और अखिलेश कुमार यादव के साथ मिलकर धोखाधड़ी की। आरोप है 20 नवंबर 2025 वह घर से अकेले निकले थे। इसी दौरान हजारी प्रसाद उन्हें दवा दिलाने और दिव्यांग पेंशन बनवाने के बहाने कचहरी ले गए। कचहरी में कुछ दस्तावेजों पर अंगूठे लगवाए गए और एक फर्जी दान पत्र तैयार कर उनकी जमीन हजारी प्रसाद के नाम बैनामा करवा दी गई। श्याम कुमार यादव और अखिलेश कुमार यादव को इस बैनामे में गवाह बनाया गया है। पीड़ित ने बताया उनकी आंखों से कम दिखाई देता है। आरोपियों ने उनकी इसी स्थिति का फायदा उठाकर उनके साथ धोखाधड़ी की।




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