एक पक्षीय कार्रवाई पर थानाध्यक्ष के खिलाफ एसपी ने लिया ऐक्शन, इन्हें दी थाने की कमान
यूपी के गोंडा जिले में एसपी ने एक पक्षीय कार्रवाई पर थानाध्यक्ष के खिलाफ ऐक्शन लिया है। नाराज एसपी विनीत जायसवाल ने थानाध्यक्ष अनुज त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया। मामले की जांच करनैलगंज के सीओ/एएसपी अभिषेक दवाच्या को सौंपी गई है।

यूपी के गोंडा जिले में पुलिस अधीक्षक ने एक पक्षीय कार्रवाई करने एक थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की है। थानाक्षेत्र के ग्राम भौंरीगंज में एक व्यक्ति द्वारा पैसा लेकर भूमि बैनामा न करने के मामले में थाने लाकर एक पक्षीय किए जाने कार्रवाई से नाराज एसपी विनीत जायसवाल ने थानाध्यक्ष अनुज त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया। मामले की जांच करनैलगंज के सीओ/एएसपी अभिषेक दवाच्या को सौंपी गई है। देहात कोतवाली में तैनात एसएसआई कमल शंकर चतुर्वेदी को थाने की कमान सौंपी गई है। एसपी की कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा है।
बीते वर्ष सोलह जुलाई की रात चोर राजमंदिर से तीन अष्टधातु की बेशकीमती मूर्तियां चुरा ले गए थे। इसके बाद एसपी ने थाने के इंस्पेक्टर शरदेन्दु कुमार पाण्डेय व एसएसआई सभाजीत सिंह का स्थानांतरण कर दिया था। कप्तान ने भरोसा जताते हुए बीते सर्विलांस सेल/स्वाट टीम के प्रभारी अनुज को परसपुर थाने की कमान सौंपी थी। यहां सात माह के कार्यकाल में एसओ कप्तान के भरोसे पर ज्यादा खरे नहीं उतरे। लगातार हुए शिकायत के बाद आखिरकार भूमि विवाद के एक मामले में वह घिर गए। इसकी कीमत उन्हें कुर्सी गंवा कर चुकानी पड़ी। एसपी ने उनके स्थान पर नए एसओ कमल शंकर चतुर्वेदी को तैनात किया गया है। करीब सात माह के अंतराल में यहां तैनात तीन एसएचओ भ्रष्टाचार समेत कई आरोपों में कुर्सी गंवानी पड़ी थी। इनमें दिनेश सिंह, तेज प्रताप सिंह, हेमंत गौड़ व शरदेंदु पाण्डेय शामिल रहे।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि एसआई अनुज त्रिपाठी के खिलाफ पैसा लेकर जमीन बैनामा न करने के एक विवाद में एकपक्षीय कार्यवाही करने की जनसुनवाई में शिकायत मिली थी। थाने लाकर बैनामा करने का दबाव बनाने और फिर एकतरफा शांतिभंग में चालान करने की आरोपों की जांच एएसपी अभिषेक दावच्या को सौंपी गई है।




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