यूपी पंचायत चुनाव: इस जिले में 3 लाख वोटरों का सत्यापन बनी चुनौती, सिर्फ 4 दिन शेष
यूपी पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। बाराबंकी जिले में अब तक करीब 60 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन हो चुका है। शेष बचे करीब तीन लाख मतदाताओं का सत्यापन होना है। अब सिर्फ चार दिन शेष है। यह बड़ी चुनौती है।

यूपी के पंचायत चुनाव मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के अभियान में निर्वाचन आयोग ने बाराबंकी जिले में 9.49 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं चिह्नित किए थे। आयोग को आशंका थी कि इन मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं। डाटा मिलते ही प्रशासन ने व्यापक जांच के लिए जिलेभर में टीमें गठित कर दी हैं। अब तक करीब 60 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन हो चुका है। शेष बचे करीब तीन लाख मतदाताओं का सत्यापन होने के बाद ही वोटर लिस्ट फाइनल होगी। 20 फरवरी तक सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार करना है अब सिर्फ चार दिन शेष है। यह बड़ी चुनौती है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले सूची को शुद्ध किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने चिन्हित नौ लाख 49 हजार 828 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का डाटा जिले को भेजा था। अधिक संख्या में नकली मतदाता मिलने से तंत्र में हलचल बढ़ा दी है। यह डाटा जिले स्तरीय तैयार किया गया है, जिसमें एक ही व्यक्ति के नाम अलग-अलग बूथों, विधानसभाओं अथवा पते पर दर्ज होने की संभावना जताई गई है। आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे। जांच को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके पर्यवेक्षण में 144 सुपरवाइजर और 1492 बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) तैनात किए गए हैं। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे और वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन करेंगे। अब तक सभी ब्लॉकों में 4.56 लाख मतदाताओं का सत्यापन किया जा चुका है। शेष बचे करीब तीन लाख मतदाताओं का सत्यापन चार दिन में करना है। 20 फरवरी सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार कराने की अंतिम तिथि है।
पहले चरण में पकड़े गए थे 71 हजार डुप्लीकेट
इससे पहले निर्वाचन आयोग ने 3.76 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का ब्लाक स्तरीय डाटा भेजा था। गहन जांच के बाद 71 हजार नाम डुप्लीकेट पाए गए थे, जिन्हें मतदाता सूची से हटा दिया गया है। अब आयोग ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए जिले स्तर पर ऐसे मतदाताओं की पहचान की है, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं।
आधार के अंतिम चार अंक बनेंगे पहचान
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जांच टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि सत्यापन के दौरान मतदाताओं से आधार कार्ड के अंतिम चार अंक लिए जाएंगे। इन्हीं अंकों के मिलान के आधार पर यह तय किया जाएगा कि मतदाता वास्तविक है या उसका नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं। जांच के बाद डुप्लीकेट पाए जाने वाले नामों को सूची से हटा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोग का उद्देश्य है कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी बने, ताकि पंचायत चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
कहां पर कितने मिले डुप्लीकेट मतदाता
चुनाव आयोग द्वारा ब्लॉक रामनगर में 55 हजार 510, सूरतगंज में 69 हजार 954, फतेहपुर में 74 हजार 768, निंदूरा में 81 हजार 180, मसौली में 58 में 050, बंकी में 59 हजार 646, देवा में 74 हजार 843, हरख में 61 हजार 085, दरियाबाद में 56 हजार 075, बनीकोडर में 69 हजार 278, पूरेडलई में 35 हजार 156, हैदरगढ़ में 57 हजार 505, त्रिवेदीगंज में 64 हजार 382, सिद्धौर में 76 हजार 483 व सिरौलीगौसपुर में 55 हजार 913 आदि डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन होना है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि आयोग से साढ़े नौ लाख मतदाताओं की सूची मिली थी, जो संदिग्ध की श्रेणी में थे। 60 प्रतिशत सत्यापन हो चुका है। 40 प्रतिशत का कार्य अभी होना है। इसमें से अधिकांश का सत्यापन हो चुका है, आयोग की साइड पर डाटा फीड करना है। जिसे 20 फरवरी तक करा दिया जाएगा।




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