यूपी में बिजली विभाग की लापरवाही से पत्रकार की जान गई, चीफ इंजीनियर समेत कई अफसरों पर केस
यूपी में बिजली विभाग की लापरवाही से पत्रकार रंजीत तिवारी की जान चली गई। मृतक के भाई की तहरीर पर बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर समेत अफसरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। डीएम ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।

UP News: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिला मुख्यालय से सटे पथवलिया गांव में शुक्रवार को बिजली विभाग की घोर लापरवाही ने युवा पत्रकार की जान ले ली। जर्जर हाईटेंशन तार अचानक पत्रकार के ऊपर गिर गया , जिससे वह बुरी तरह से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मौत के बाद डीएम प्रियंका निरंजन, एसपी विनीत जायसवाल, एडीएम आलोक कुमार, एएसपी मनोज कुमार रावत भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। मृतक के भाई की तहरीर पर बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर समेत अफसरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। डीएम ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता, पीड़ित पत्नी को नौकरी के अलावा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बताया जाता है कि पत्रकार रंजीत तिवारी सुबह करीब पौने नौ बजे घर के पास ही थे, तभी जर्जर तार में अचानक चिंगारियां निकलने लगीं। खतरे को भांपते हुए वह पड़ोसी को सचेत करने पहुंचे और उन्हें उस रास्ते से न निकलने की सलाह दी लेकिन जैसे ही लौटे, अचानक तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। करंट की चपेट में आने से बुरी तरह से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद बिजली विभाग को फोन कर सप्लाई बंद कराने की कोशिश की गई लेकिन कर्मचारी फोन करने पर आधार कार्ड मांगते रहे और बिजली नहीं काटी। वहीं अभियंताओं का फोन रिसीव नहीं हुआ और न ही लाइन ट्रिप हुई।
बांस के सहारे तार को हटाया गया
पास में रहने वाले त्रिलोकी नाथ मिश्रा ने साहस दिखाते हुए बांस के सहारे तार को अलग किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तब तक रंजीत तिवारी का शरीर बुरी तरह झुलस चुका था और मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। गनीमत यह रही किहाईटेंशन तार ठीक नीचे स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय पर नहीं गिरा अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
कई बार हुई शिकायत लेकिन नहीं हटा तार
ग्रामीणों का कहना है कि इस जर्जर तार को हटाने के लिए कई बार शिकायत की गई थी। करीब दशक भर से स्कूल के ऊपर से जर्जर तार हटाने की खबर सुर्खियां बनती रही। यहां तक कि महीनों पहले इसका टेंडर भी जारी हुआ था लेकिन विभागीय अभियंता लापरवाह बने रहे।
मुख्य अभियंता समेत पांच अफसरों पर गैर इरादतन हत्या का केस
पत्रकार की मौत के मामले में मृतक के भाई अमरजीत तिवारी पुत्र राम बरन तिवारी की तहरीर पर नगर कोतवाली में बिजली विभाग के मुख्य अभियंता, अवर अभियन्ता, उप खंड अधिकारी, अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
उच्च स्तरीय जांच होगी, पांच लाख मुआवजा दिया जाएगा
देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। जांच की रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होने यह भी माना कि जर्जर हाईटेंशन तारों को नहीं हटाने में लापरवाही हुई है, किस स्तर पर, कहां से लापरवाही आई है, यह सब जांच के बाद मालूम हो सकेगा। फिलहाल रिपोर्ट आने के बाद घटना के जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी तय है। हालांकि परिजनों को विभाग की ओर से बिजली सुरक्षा के अहेतुक मुआवजा के तहत करीब पांच लाख रुपये दिए जाने की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि पथवलिया में एचटी लाइन तार गिरने से पत्रकार की मौत की घटना बेहद दुखद है। मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पत्रकार के परिवार को हरसंभव मदद दी जाएगी। घटना के दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।




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