46 साल पुराने प्रकाश नारायण मर्डर केस में Ex MLA विजय मिश्र समेत 4 दोषी, कल सुनाई जाएगी सजा
पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत 4 आरोपियों को दोष सिद्ध करार दिया है। सजा पर फैसले के लिए 13 मई की तारीख नियत की है। विजय मिश्रा वर्तमान में आगरा जेल में बंद है, जबकि बलराम, संतराम और जीत नारायण जमानत पर रिहा थे। इन सभी की जमानत निरस्त कर हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के जिला कचहरी परिसर में 46 साल पहले हुए प्रकाश नारायण पांडेय हत्याकांड में माननीयों के विशेष न्यायालय के न्यायाधीश योगेश कुमार ने विस्तृत फैसले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार आरोपियों को दोष सिद्ध करार दिया है। सजा पर फैसले के लिए 13 मई की तारीख नियत की है। पूर्व विधायक विजय मिश्रा वर्तमान में आगरा जेल में बंद है, जबकि बलराम, संतराम और जीत नारायण जमानत पर रिहा थे। इन सभी की जमानत निरस्त कर हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
गौरतलब है कि इस मामले में पहली गवाही एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला के समक्ष हुई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार वैश्य ने न्यायालय को यह जानकारी दी थी कि मामले के वादी प्रकाश नारायण के भाई श्याम नारायण पांडेय ने कर्नलगंज थाने में विजय मिश्रा, बलराम, संतराम और जीत नारायण के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी। न्यायालय ने श्याम नारायण पांडेय का कथन शपथ पूर्वक दर्ज किया था।
फाइल से गायब थे कागजात
गौरतलब है कि यह पत्रावली काफी दिनों तक न्यायालय के समक्ष इसलिए विचाराधीन रही कि इसमें मूल कागजात उपलब्ध नहीं थे। यहां तक की मुकदमे की विवेचना के दौरान तैयार की गई डायरी की मूल प्रति भी पत्रावली में उपलब्ध नहीं थी। तमाम कागजात भी पत्रावली से गायब थे। फिर तमाम कागजात एकत्र हुए और इसके पश्चात मुकदमे में सुनवाई प्रारंभ हो सकी।
यह रहा मामला
कर्नलगंज थाने में हथिगवा नवाबगंज निवासी श्याम नारायण पांडेय ने 11 फरवरी 1980 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह दोनों लोग एक मुकदमे में जमानत कराने कचहरी आए हुए थे। अपने अधिवक्ता की सीट पर बैठे थे। तभी विजय मिश्रा, बलराम, संतराम तथा जीत नारायण बंदूक और राइफल लेकर आए। प्रकाश नारायण पांडेय को गोली मार दी। उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने घटना स्थल से बंदूक भी बरामद की थी।




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