भीषण गर्मी में झुलस रहा बदन,प्रशासनिक इंतजाम नाकाफी
Fatehpur News - फतेहपुर में पेड़ों की कटाई और कंक्रीट के जंगलों के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल रही है, हैंडपंप खराब हैं और बिजली की समस्या भी है। सब्जियों के दाम बढ़ने के साथ जल स्तर गिर रहा है। गर्मी में कामकाजी लोग और बच्चे परेशान हैं।

फतेहपुर। दिनों दिन कटते पेड़ और बढ़ते कंक्रीट के जंगलों के कारण साल दर साल तापमान में भी इजाफा होता जा रहा है। इस समय पड़ने वाली भीषण गर्मी से जहां बदन झूलसने लगा है वहीं आम आदमी के लिए गर्मी से बचाव के लिए किए जाने वाले प्रशासनिक इंतजाम भी नाकाफी ही दिखाई दे रहे हैं। कहीं ठूठ बने खड़े हैंडपंप लोगो को मुंह चिढ़ाते दिखाई दे रहे हैं तो कहीं आधुनिकता की अंधी दौड़ में धन अर्जित करने के लिए होने वाली हरे पेड़ो की कटान विभागीय निगहबानी पर प्रश्न चिंह लगा रही है। ओवरलोड हुए ट्रांसफार्मर,प्याऊ भी नदारतगर्मी बढ़ने पर वितरण व पावर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो चुके हैं, नतीजतन फाल्ट से कहीं बत्ती गुल हो रही है तो कहीं लो-वोल्टेज की समस्या।
शहर के गंगानगर, तुराबअली का पुरवा, सैदाबाग, अस्ती आदि में लो-वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पाती। हालांकि विभाग द्वारा शिकायतों के निस्तारण के लिए सर्किल कार्यालय में कंट्रोल रूम बनवाया गया है। वहीं नगर पालिका द्वारा बनवाए जाने वाले प्याऊ को लेकर भी अभी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।कंक्रीट के जंगल बढ़ा रहे तापमानशहर से लेकर ग्रामीणांचलों तक आरसीसी (कंक्रीट) से बनने वाले आवासों के लिए जंगलों को काटा जा रहा है। जिससे दिनों दिन तापमान में वृद्धि होती जा रही है, वहीं सूरज की तल्खी के कारण यह आरसीसी उसकी गर्मी को एब्जार्ब करने के बाद सूरज की तपिश कम होने के बावजूद तपता रहता है। कहने को तो शहरियों को राहत के लिए यहां पर 11 पार्क आवास विकास में बनवाए गए थे लेकिन सभी बदहाल पड़े हैं। वहीं अन्य करीब आधा दर्जन पार्कों के भी हाल खराब हैं।सब्जियों के दाम बढ़ने के साथ गिरता जा रहा जलस्तरगर्मी में सब्जियों की आवक प्रभावित होने के कारण हरी सब्जियों के दामों में इजाफा होता जा रहा है। सब्जी विक्रेता राजकुमार साहू ने बताया कि इस समय तरोई 50 रुपये किलो, लौकी 40 रुपये किलो होने के साथ ही नीबू दस रुपये पीस का बिक रहा है। इसके अलावा अन्य सब्जियों के दाम भी बढ़े हैं, वहीं सरकारी आवासों में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था न होने के साथ चल रहे आरओ प्लांट के कारण पानी की बर्बादी होने से दोआबा का जलस्तर दिनों दिन गिरता जा रहा है।धूप में खुद को समेटे कर रहे काम,बच्चे भी हलकान40 के पार चल रहे तापमान उस पर परिवार के भरण पोषण की चिंता के चलते भट्ठा मजदूरों के साथ ही भवन मजदूर, गिग वर्कर्स (डिलेवरी बॉय) सहित ई-रिक्शा संचालकों को तपती धूप में काम करने को मजबूर होना पड़ता है। दिहाड़ी मजदूरों के सिर छिपाने तक के लिए शहर में कोई स्थान नहीं है जिससे इन्हे परेशानियां उठानी पड़ती हैं। वहीं विद्यालय की छुट्टी भरी दोपहर में होने के चलते अभिभावक अपने बच्चों को धूप से छिपाकर ले जाने के लिए मशक्कत करते दिखते हैं।अस्पताल पहुंचे लू के तीन मरीजबढ़ती गर्मी के बीच बुधवार को लू से पीड़ित तीन मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। डाक्टरों के अनुसार दो मरीजों की हालत सामान्य थी, जिनका प्राथमिक उपचार कर दिया गया है। जबकि एक मरीज की स्थिति गंभीर होने पर उसे करीब तीन घंटे तक भर्ती रखकर उपचार किया गया। हालत में सुधार होने पर छुट्टी दे दी गई। डाक्टरों ने लोगों से तेज धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लू के लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल आने की सलाह दी है।इनसेट...इस प्रकार है हैंडपंपो की संख्या-13 विभिन्न ब्लाक हैं दोआबा में-816 ग्राम पंचायतें हैं जिले में शामिल-53,726 हैंडपंप लगे हैं जिले में-483 हैंडपंपो का हो चुका है रिबोर-4459 हैंडपंपों की हो चुकी है मरम्मत-54 हैंडपंप हैं रिबोर के लिए अवशेष-126 हैंडपंप अवशेष हैं मरम्मत के लिएकोट...पंचायतों के हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के लिए सर्वे करवाकर रिबोर व मरम्मत के लिए लिस्ट बनाई जा रही है जिम्मेदारों को जल्द हैंडपंपो को बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे गर्मियों में पीने के पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।रामशंकर वर्मा, डीपीआरओ
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