Even those with four children are seeking benefits investigation into Kanya Sumangala Scheme चार-चार बच्चों वाले भी मांग रहे लाभ, कानपुर में कन्या सुमंगला योजना की जांच में खुली पोल, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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चार-चार बच्चों वाले भी मांग रहे लाभ, कानपुर में कन्या सुमंगला योजना की जांच में खुली पोल

कानपुर में बेटियों के लिए शुरू की गई कन्या सुमंगला योजना में बड़े पैमापैमानेfraudfraufraudने पर फर्जी और अपात्र आवेदनों का खुलासा हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आए 11,360 आवेदनों में से 4,180 को जांच में खारिज कर दिया गया, जबकि सैकड़ों आवेदन अभी भी सत्यापन में लंबित हैं।

Wed, 15 April 2026 10:59 PMPawan Kumar Sharma गौरव श्रीवास्तव, कानपुर
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चार-चार बच्चों वाले भी मांग रहे लाभ, कानपुर में कन्या सुमंगला योजना की जांच में खुली पोल

दो बेटियों तक सीमित कन्या सुमंगला योजना का दायरा अब अभिभावकों की बढ़ती उम्मीदों से छोटा पड़ता नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि चार-चार बच्चों के माता-पिता भी इस योजना का लाभ पाने की कोशिश में आवेदन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, तय सीमा से ऊपर तीन लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार भी नियमों को दरकिनार कर इस सरकारी मदद में हिस्सेदारी चाहते दिखाई दे रहे हैं। बेटी के जन्म से लेकर कॉलेज में प्रवेश करने तक दो बेटियों के माता-पिता को 25 हजार रुपये अलग-अलग किस्तों में कन्या सुमंगला योजना में मिलता हैं। यह योजना 2019 में शुरू की गई थी।

बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुरू की गई यह योजना अब नियमों की अनदेखी और गलत आवेदनों के कारण सुर्खियों में आ गई है। कानपुर में वित्तीय वर्ष 2025-26 में आए आवेदनों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। 11,360 आवेदनों में से 4,180 आवेदन अपात्र पाए गए, जिससे प्रशासन भी हैरान रह गया। तहसील स्तर पर चल रही जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में ऐसे अभिभावकों ने आवेदन किया, जिनके दो से अधिक बच्चे हैं या जिनकी वार्षिक आय तय सीमा से अधिक है। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में चार बच्चों तक के माता-पिता भी योजना का लाभ लेने की कोशिश करते मिले।

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वहीं 830 आवेदन अभी भी तहसील स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित हैं। दस्तावेजों की जांच और पात्रता की पुष्टि में देरी के चलते आवेदकों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे नाराजगी भी बढ़ रही है।प्रशासन का कहना है कि अब जांच और सख्त कर दी गई है। अधिकतर अपात्र आवेदन तहसील स्तर पर ही निरस्त कर दिए गए हैं, ताकि आगे की प्रक्रिया में गड़बड़ी न हो। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह ने साफ किया कि योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं परिवारों को मिलेगा, जिनके अधिकतम दो बच्चे हैं और वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है। नियमों के विपरीत किए गए सभी आवेदन सीधे खारिज किए जा रहे हैं। यह भी सामने आया है कि कई लोग बिना पूरी जानकारी के आवेदन कर रहे हैं, जबकि कुछ जानबूझकर नियमों को नजरअंदाज कर लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

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क्या है कन्या सुमंगला योजना

यह उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसकी शुरुआत 2019 में हुई थी।

इसका उद्देश्य बेटियों के जन्म से लेकर शिक्षा तक आर्थिक सहायता देना है।

योजना के तहत अधिकतम दो बेटियों को लाभ मिलता है।

जन्म से लेकर स्नातक/डिप्लोमा में प्रवेश तक कुल 25,000 रुपये अलग-अलग किस्तों में दिए जाते हैं।

लाभ पाने के लिए परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

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योजना का लाभ कैसे लें

आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है।

जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं।

आवेदन के बाद तहसील स्तर पर सत्यापन किया जाता है।

सत्यापन पूरा होने पर राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

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