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विद्यार्थियों में संतुलित पोषण-पर्यावरण संरक्षण की समझ विकसित करना

Etah News - विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर मंगलवार को जनता इंटर कॉलेज अवागढ़ में स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चंबल फर्टिलाइजर्स के प्रतिनिधि ने विद्यार्थियों को पोषक तत्वों के महत्व और कृषि के करियर अवसरों के बारे में बताया। कार्यक्रम में प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए।

Tue, 21 April 2026 10:26 PMNewswrap हिन्दुस्तान, एटा
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विद्यार्थियों में संतुलित पोषण-पर्यावरण संरक्षण की समझ विकसित करना

विश्व पृथ्वी दिवस अभियान के तहत उत्तम संतुलित पोषण अभियान में मंगलवार को जनता इंटर कॉलेज अवागढ़ में विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। चंबल फर्टिलाइजर्स प्रतिनिधि जय प्रकाश पांडे ने विद्यार्थियों को नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों की भूमिका, उनके स्रोत तथा पौधों एवं मानव जीवन में उनके महत्व के बारे में बताया। साथ ही कृषि एवं विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों के बारे में भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम में पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

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प्रधानाचार्य राकेश यादव ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास एवं पर्यावरण के प्रति उनकी समझ को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, संतुलित पोषण एवं सतत विकास के प्रति जागरूकता दिखाई।पृथ्वी दिवस : सब मिलकर बचायें तभी बचेगी धरती : ज्ञानेन्द्र रावतपर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत ने बताया कि प्रकृति की अनदेखी से धरती का असंतुलन एक खतरनाक मोड पर आ पहुंचा है। बढ़ती आबादी, नित नई-नई वैज्ञानिक सोच, असंतुलित विकास, सुख-सुविधाओं की चाहत की अंधी दौड़ ने धरती को विनाश के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। इसका दुष्परिणाम प्रकृति प्रदत्त संसाधनों पर अत्याधिक दबाव और जीव-जंतुओं-वनस्पतियों की हजारों-हजार प्रजातियां की विलुप्ति के रूप में सामने आया है। जीव-जंतुओं की धरती के संतुलन में अहम भूमिका है। इनमें होने वाला कोई भी बदलाव धरती पर सीधा असर डालता है। 30 फीसदी जमीन खेती के अयोग्य है। अब जलवायु परिवर्तन से 40 फीसदी जमीन पर बंजर होने का खतरा मंडरा रहा है।इस खबर के साथ नाम से फोटो है-पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत।

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