Green Innovation Conclave at MNIT Environmental Protection and Sustainable Development विकास तभी सार्थक, जब वह समावेशी और एकीकृत हो : डॉ. जोशी, Prayagraj Hindi News - Hindustan
More

विकास तभी सार्थक, जब वह समावेशी और एकीकृत हो : डॉ. जोशी

Prayagraj News - विश्व पृथ्वी दिवस की पूर्व संध्या पर, मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में 'ग्रीन इनोवेशन कॉन्क्लेव' का आयोजन हुआ। इसमें पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने विकास के समावेशी दृष्टिकोण पर जोर दिया। कार्यक्रम में छात्रों और नवाचारकर्ताओं ने हरित स्टार्टअप और जलवायु जिम्मेदारी पर विचार साझा किए।

Tue, 21 April 2026 10:18 PMNewswrap हिन्दुस्तान, प्रयागराज
share
विकास तभी सार्थक, जब वह समावेशी और एकीकृत हो : डॉ. जोशी

विश्व पृथ्वी दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन हब एमएनएनआईटी फाउंडेशन (आईआईएचएमएफ) की ओर से ‘ग्रीन इनोवेशन कॉन्क्लेव: फ्रॉम अर्थ टू एंटरप्राइज’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप आधारित नवाचार को बढ़ावा देना रहा। मुख्य वक्ता पद्मश्री व पद्मभूषण से सम्मानित पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब वह समावेशी और एकीकृत हो। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक उत्पाद पर ‘कार्बन फुटप्रिंट’ अंकित किया जाना चाहिए, ताकि पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किया जा सके। साथ ही उन्होंने नदियों के संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और प्रत्येक राज्य में कम से कम 33 प्रतिशत वन क्षेत्र सुनिश्चित करने पर जोर दिया।मंगल

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:केवल पौधरोपण नहीं, जलाशय तैयार कर बचाएं पर्यावरण: डॉ. जोशी

भूमि फाउंडेशन के संस्थापक राम बाबू तिवारी ने नदी संरक्षण के अपने प्रयास साझा करते हुए कहा कि जनसहभागिता से जल स्रोतों का पुनर्जीवन संभव है। वहीं आईआईएचएमएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राम कुमार मिश्र ने कहा कि संस्थान युवाओं को नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सहभागी बना रहा है और सतत विकास आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित कर रहा है। विशिष्ट अतिथि संजय स्वामी ने भारतीय ज्ञान परंपरा में प्रकृति के साथ संतुलन की अवधारणा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और नवाचारकर्ताओं ने भाग लेकर हरित स्टार्टअप, जलवायु जिम्मेदारी और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों पर विचार साझा किए। अंत में पृथ्वी संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया गया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सीयूजे में नई शिक्षा नीति में भारतीयता के समावेशन पर मंथन

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।