लखनऊ में कानपुर बाईपास से आईआईएम रोड तक बनेगा फ्लाईओवर, योगी कैबिनेट में मंजूरी
यूपी की राजधानी लखनऊ में कानपुर बाईपास से आईआईएम रोड तक फ्लाईओवर बनेगा। योगी कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी मिल गई है। हाल ही में दुबग्गा फ्लाईओवर का नए सिरे से पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम और राजस्व की टीम ने संयुक्त रूप से सर्वे करने के बाद शासन को रिपोर्ट सौंपी थी।

UP News: यूपी की राजधानी लखनऊ में कानपुर बाईपास से दुबग्गा चौराहा होते हुए आईआईएम रोड तक आए दिन लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिलेगी। सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यहां पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए स्वीकृति दे दी गई। हाल ही में दुबग्गा फ्लाईओवर का नए सिरे से पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम और राजस्व की टीम ने संयुक्त रूप से सर्वे करने के बाद शासन को रिपोर्ट सौंपी थी। नए सर्वे रिपोर्ट में फ्लाईओवर की लागत को 16.39 करोड़ रुपये कम किया गया था। सेतु निगम की कार्ययोजना में जब इसे शामिल किया गया था तब प्रस्तावित निर्माण लागत 337.60 करोड़ रुपये थी। अब इसे 321.21 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
दुबग्गा फ्लाईओवर का निर्माण कानपुर बाईपास से दुबग्गा चौराहा होते हुए किया जाएगा। यह आईआईएम रोड पर मिलेगा। फ्लाईओवर 1811.72 मीटर लंबा होगा। इसे तीन लेन का बनाया जाएगा, जो कि 25 से 30 मीटर चौड़ा होगा, जिससे कि भविष्य में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर भी कोई परेशानी नहीं आएगी। आगरा एक्सप्रेस वे, कानपुर रोड और आईआईएम रोड से आने वालों का भी समय बचेगा। मौजूदा समय में कानपुर बाईपास से हरदोई, सीतापुर और मलिहाबाद रोड, चौक, बुद्धेश्वर चौराहा, आगरा एक्सप्रेस वे, कानपुर रोड और आईआईएम रोड से आने-जाने वाले यातायात के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। पीक ऑवर में तो जाम के कारण लोगों को दुबग्गा चौराहा पार करने में ही आधा-आधा घंटा लग जाता है। फ्लाईओवर निर्माण से जाम से निजात मिलेगी।
चार लाख की आबादी को होगा लाभ
फ्लाईओवन बन जाने से कानपुर बाईपास एवं आगरा एक्सप्रेस वे से आने वाला यातायात हरदोई रोड, आईआईएम रोड से और हरदोई रोड, सीतापुर रोड मलिहाबाद, चौक, बुद्धेश्वर सीधे आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे यहां पर जाम नहीं लगेगा। इससे उक्त क्षेत्रों के आसपास के इलाकों में रहने वाले लगभग चार लाख लोगों को सीधा लाभ होगा।
ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान नहीं
नए सिरे से भेजी गई सर्वे रिपोर्ट में इस बात का विशेष तौर पर उल्लेख है किया गया था कि सेतु निर्माण में किसी ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान नहीं पहुंच रहा है। पर्यावरण वन्य जीव अधिनियम और ताज ट्रेपोजियम जोन के लिए लागू प्रतिबंधों का भी किसी प्रकार का उल्लंघन नहीं हो रहा है। इससे संबंधित प्रमाण पत्र भी सर्वे रिपोर्ट के साथ लगाए गए हैं। पूर्व में किए गए सर्वे में इसका उल्लेख न किए जाने और प्रमाण पत्र न लगाए जाने के कारण ही फ्लाईओवर की मंजूरी अटकी हुई थी।




साइन इन