एक से 15 अप्रैल तक यूपी में चलेगा विशेष चेकिंग अभियान, पोर्टल से निगरानी का इंतजाम
जो भी स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, उनकी मॉनीटरिंग ऐप के माध्यम से होगी। यह एप प्रदेश के 75 जनपदों में संचालित होने वाले स्कूली वाहनों की निगरानी, नियंत्रण, सत्यापन और अनुपालन सुनिश्चित करेगा। वाहनों के संचालन के लिए विशेष प्रावधान, सुरक्षा मानक, परमिट व्यवस्था एवं निगरानी तंत्र निर्धारित किया गया है।

UP News : यूपी में एक से 15 अप्रैल तक स्कूली वाहनों के फिटनेस आदि मानकों की जांच के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। मंगलवार को परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में हुई वीडियो कांग्रेंसिंग में स्कूली वाहनों की मॉनीटरिंग को पार्टल के संबंध में जानकारी दी गई। कांफ्रेंस में सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में मुख्य रूप से विद्यालय वाहनों की सुरक्षा, निगरानी और उनके सुव्यवस्थित प्रबंधन के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई। पोर्टल के संबंध में बताया गया कि यह एक ऐसा पोर्टल है जिस पर प्रदेश के सभी जिलों के स्कूली वाहनों का रिकार्ड ऑनलाइन देखा जा सकेगा।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में यूपी इंटीग्रेटेड स्कूली व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल (यूपीआईएसवीएमपी) के बारे में विस्तार से बताया गया। जो भी स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, उनकी मॉनीटरिंग इस ऐप के माध्यम से होगी। यह एप प्रदेश के 75 जनपदों में संचालित होने वाले स्कूली वाहनों की निगरानी, नियंत्रण, सत्यापन एवं अनुपालन सुनिश्चित करेगा। वाहनों के संचालन हेतु विशेष प्रावधान, सुरक्षा मानक, परमिट व्यवस्था एवं निगरानी तंत्र निर्धारित किया गया है। पोर्टल एक केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली है। जिसके माध्यम से विद्यालयों द्वारा संचालित बसों, वैन एवं अनुबंधित वाहनों का अनिवार्य पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सकेगी। आरटीओ प्रवर्तन प्रवण झा ने बताया, सभी स्कूल संचालकों को अपने स्कूली वाहनों का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए निर्देशित किया गया है।
स्कूली वाहनों का एप पर तैयार होगा डिजिटल प्रोफाइल
प्रदेश के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने यूजरआईडी और पासवर्ड का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन कर अपने विद्यालय में संचालित समस्त वाहनों का विवरण अपलोड करेंगे। कोई भी वाहन बिना पोर्टल पंजीकरण के संचालित न हो। विवरण में वाहन का पंजीकरण, परमिट, फिटनेस, बीमा एवं पीयूसी विवरण, वाहन स्वामी और वाहन की तकनीकी जानकारी चालक का लाइसेंस, अनु्भव, पुलिस सत्यापन और स्वास्थ्य विवरण, जीपीएस और सीसीटीवी की उपलब्धता और विद्यालय द्वारा शपथ पत्र अपलोड करेंगे।
जिला स्तरीय समिति करेगी मासिक समीक्षा
विद्यालय वाहन सुरक्षा संबंधी जिला स्तरीय समिति बनेगी जिसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक उपाध्यक्ष, आरटीओ, एआरटीओ प्रवर्तन, आरटीओ, एआरटीओ (प्रवर्तन), नगर निकाय अधिकारी, डीआईओएस, बीएसए, परिवहन व्यवसाय प्रतिनिधि सदस्य रहेंगे। यह समिति मासिक बैठक करके स्कूली वाहनों की समीक्षा करके कार्रवाई करेगी।




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