यूपी में गर्मी में 5 घंटे ही खुलेंगे प्राइमरी स्कूल, नए सत्र में ये होगी टाइमिंग; जानें डिटेल
यूपी में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के संचालन के समय में परिवर्तन किया जा रहा है। नए सत्र से गर्मियों में पांच घंटे ही इनका संचालन किया जाएगा। इसके पहले कोरोना काल में कोर्स पिछड़ने के चलते 2022 में स्कूलों के संचालन का समय छह घंटे कर दिया गया था। फिर से इसे गर्मियों में 5 घंटे किया जा रहा है।

UP Schools News: उत्तर प्रदेश में परिषदीय स्कूल गर्मियों में पांच घंटे ही संचालित होंगे। कोरोना से पहले भी गर्मियों में स्कूल पांच घंटे का ही होता था लेकिन कोरोना के दौरान लगातार बन्दी के कारण कोर्स पिछड़ने की वजह से जाड़ा-गर्मी दोनों सीजन में स्कूलों का समय 6 घंटे कर दिया गया था। इस बीच प्रचंड गर्मी में भरी दुपहरिया में 2 बजे छुट्टी होने से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव और अभिभावकों के बढ़ते दबावों को देखते हुए सरकार एक बार फिर से गर्मियों में स्कूलों का समय पांच घंटे करने के लिए सैद्धान्तिक रूप से सहमत हो गई है।
आरटीई (शिक्षा का अधिकार) अधिनियम में भी सर्दियों में 6 घंटे और गर्मियों में 5 घंटे तक स्कूलों को खोले जाने के नियम हैं। ऐसे में अब बेसिक शिक्षा विभाग में पहले की तरह स्कूलों का समय सुबह 7 से 12 या सुबह 8 से एक बजे किए जाने को लेकर तेजी से कवायद शुरू हो गई है।
2022 में बढ़ाया गया था एक घंटा
वर्ष 2015 तक गर्मियों में स्कूलों का समय सुबह सात से 12 बजे तक था अर्थात कुल पांच घंटे स्कूल चलते थे। उसके बाद वर्ष 2016 में स्कूलों का समय बदलकर सुबह 8 बजे से दोपहर एक बजे कर दिया गया। तब भी स्कूलों का समय 5 घंटे ही रहा जो बच्चों के लिए ठीक माना जाता है। साल 2022 में, जब कोरोना के बाद स्कूल खुले, तो पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए एक बड़ा बदलाव किया गया। स्कूलों का समय बढ़ाकर दोपहर दो बजे तक कर दिया गया अर्थात गर्मियों में भी स्कूलों का समय 6 घंटे कर दिया गया जो आज तक है।
तीखी धूप से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा था असर
हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन की वजह से दोपहर के समय लगातार तीखी होती धूप की किरणों की वजह से स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे बुरे असर को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में हालात और भी चुनौतीपूर्ण होते हैं। तेज गर्मी, लू और सीमित संसाधनों के बीच बच्चों के लिए लंबे समय तक स्कूल में रहना आसान नहीं होता। ऊपर से ज्यादातर स्कूलों में न तो पर्याप्त पंखे हैं और न ही ठंडे पानी की सही व्यवस्था। इन सब दबावों के मद्देनजर शासन ने शिक्षा विभाग को गर्मियों में स्कूलों के समय को पूर्व की भांति पांच घंटे करने का रास्ता निकालने को कहा है, जिसके आलोक में विभाग में कवायद शुरू कर दी गई है।




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