यूपी में किसानों के लिए खुशखबरी, योगी सरकार MSP पर इस तारीख तक खरीदेगी अरहर-चना-मसूर-सरसों
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि फसलों की खरीद 02 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक 90 दिनों की अवधि में की जाएगी। उन्होंने कहा कि मूल्य समर्थन योजना केन्द्र सरकार की एक महत्वपूर्ण राज्य संचालित योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाना है।

UP News: उत्तर प्रदेश में सात अप्रैल से 30 जून तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अरहर, चना, मसूर व सरसों की सरकारी खरीद की जाएगी। सरकार द्वारा इस बार चना का एमएसपी 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों 6200 रुपये प्रति क्विंटल और अरहर का 8000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मंगलवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रेस कांफ्रेन्स कर इसकी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इस साल चने का 2.24 लाख मीट्रिक टन, मसूर 6.77 लाख मीट्रिक टन, सरसों 5.30 लाख मीट्रिक टन और अरहर 1.14 लाख मीट्रिक टन खरीदे जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि इस वर्ष एमएसपी दरों में वृद्धि कर किसानों को अतिरिक्त लाभ देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि चने पर 225 रुपये, मसूर पर 300 रुपये और सरसों पर 250 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा। सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है और एमएसपी में यह वृद्धि उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
क्रय केंद्रों और एजेंसियों की व्यवस्था
कृषि मंत्री ने कहा कि इस वर्ष खरीद व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बड़ी संख्या में क्रय केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार की एजेंसियां नैफेड और एनसीसीएफ तथा राज्य की चार एजेंसियां यूपीपीसीयू, यूपीपीसीएफ, जैफेड और यूपीएसएस किसानों से उपज को क्रय करेंगी, जिसका लाभ किसानों को सीधे खाते में वितरित किया जाएगा। इन एजेंसियों के समन्वय से खरीद प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।
पारदर्शी है क्रय प्रक्रिया
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रभावी व्यवस्था की गई है। साथ ही कहा कि क्रय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी क्रय केंद्रों पर आधार-सक्षम पीओएस मशीनें स्थापित की गई हैं, जिससे किसानों की पहचान सुनिश्चित करते हुए डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जाएगा। इस वर्ष कुल 190 से अधिक क्रय केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है, जबकि राज्य स्तरीय एजेंसियां भी अपने स्तर पर अतिरिक्त केंद्र संचालित करेंगी।
कृषि मंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। वर्तमान में राज्य में 25.41 लाख मीट्रिक टन उर्वरक है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। उर्वरकों का वितरण पीओएस मशीनों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल एवं पारदर्शी बनी है।




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