यूपी में तेजी से विकास करते इस शहर में सस्ती प्रॉपर्टी पाने का सुनहरा मौका, बिक्री इसी महीने से
यदि आप इस शहर में अपना घर या व्यवसायिक संपत्ति चाहते हैं तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है। वर्षों से लंबित अलोकप्रिय संपत्तियों की बिक्री इस अप्रैल महीने के दूसरे पखवाड़े से शुरू हो सकती है। करीब 100 संपत्तियों को अधिकतम 25 प्रतिशत तक की छूट के साथ बेचा जाना है।

Property in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश का शहर गोरखपुर, विकास के विभिन्न मापदंडों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि आप गोरखपुर में अपना घर या व्यवसायिक संपत्ति चाहते हैं तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की वर्षों से लंबित अलोकप्रिय संपत्तियों की बिक्री इस अप्रैल महीने के दूसरे पखवाड़े से शुरू हो सकती है। करीब 100 संपत्तियों को अधिकतम 25 प्रतिशत तक की छूट के साथ बेचा जाना है। इस संबंध में अप्रैल के पहले पखवाड़े में प्रस्तावित जीडीए बोर्ड बैठक में अंतिम स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
प्राधिकरण की अलोकप्रिय संपत्तियों की सूची में अधिकांश व्यावसायिक संपत्तियां ही शामिल रह गई हैं। पहले इस सूची में करीब 30 आवासीय फ्लैट भी थे, जो रामगढ़ताल क्षेत्र की वसुंधरा आवासीय योजना और लोहिया एन्क्लेव में स्थित थे। हालांकि, नलकूप विभाग परिसर में एकीकृत मंडलीय कार्यालय के निर्माण के चलते वहां रह रहे कर्मचारियों को इन्हीं खाली फ्लैटों में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे अब आवासीय संपत्तियों की संख्या घटकर दो-चार ही रह गई है।
जीडीए की व्यावसायिक संपत्तियों में गोलघर स्थित बहुमंजिला जीडीए टावर, बुद्धा मिनी मार्ट (देवरिया बाईपास), बुद्ध विहार पार्ट ए व बी के शापिंग सेंटर, वैशाली आवासीय योजना, राप्तीनगर के विभिन्न चरण, सिद्धार्थपुरम शापिंग सेंटर, विकास नगर और नवीन ट्रांसपोर्ट नगर की कई दुकानें और भूखंड शामिल हैं। जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि 25 प्रतिशत तक की छूट मिलने से अलोकप्रिय संपत्तियों की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है। जल्द ही पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
प्राधिकरण की उम्मीद
25 प्रतिशत तक की छूट दिए जाने के चलते गोरखपुर विकास प्राधिकरण को उम्मीद है कि इससे इन संपत्तियों को लेकर खरीदार आकर्षित होंगे और वर्षों से अटकी इनकी बिक्री को गति मिलेगी। इसके अलावा खाली पड़ी संपत्तियों के इस्तेमाल में आने से जीडीए की आमदनी में भी बढ़ोत्तरी होगी। हालांकि जानकारों का कहना है कि कीमत घटाने के अलावा भी खरीदारों को आकर्षित करने के लिए प्राधिकरण को इन संपत्तियों की मरम्मत, बुनियादी सुविधाओं के विकास और भरोसेमंद मार्केटिंग की रणनीति अपनानी होगी। तभी अलोकप्रिय मानी जाने वाली ये संपत्तियां लोकप्रिय की श्रेणी में आ सकेंगी। हालांकि यह भी तय है कि छूट के बाद इन संपत्तियों को खरीदना खरीदारों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है इसलिए गोरखपुर में संपत्ति खरीदने का यह एक सुनहरा मौका माना जा रहा है।




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