खुद को मुर्दा घोषित करने के लिए भिखारी को जिंदा जलाया, सिपाही ने रची खौफनाक साजिश
यूपी के हाथरस में एक बर्खास्त सिपाही ने खुद को मुर्दा घोषित करने के लिए के भिखारी की जलाकर हत्या कर दी। इस मामले का खुलासा एक महीने बाद हुआ है। वहीं, अब सवाल बना हुआ है कि आखिरकार मारा गया व्यक्ति कौन था?

UP News: यूपी के हाथरस (Hathras) में एक माह पूर्व रेलवे हॉल्ट पर एक भिखारी की जलाकर हत्या की गई थी। बुधवार को जीआरपी हाथरस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर दिया। जीआरपी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आखिरकार मारा गया व्यक्ति कौन था। यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
बीते 12 मार्च को पूर्वोत्तर रेलवे के हाथरस रोड हॉल्ट के टिनशेड में एक अज्ञात बुजुर्ग का जला हुआ शव मिला था। इसके बाद जीआरपी ने इस मामले की जांच की। जांच में पता चला कि आरोपी रामवीर सिंह निवासी गांव बधौनी थाना किशनी जिला मैनपुरी जो पहले यूपी पुलिस में आरक्षी था, लेकिन आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त के चलते बर्खास्त कर दिया गया था। आरोपी के खिलाफ फिरोजाबाद, अलीगढ़, मुरादाबाद, हरदोई, मैनपुरी, बदायूं सहित कई जिलों में हत्या, लूट अपहरण और धोखाधड़ी जैसे करीब 13 मुकदमे दर्ज हैं। आरोप है कि उसने भिखारी को जलाकर मार दिया था। उसने एक ऐसी योजना बनाई थी कि एक ऐसे व्यक्ति की हत्या की जाए, जिसकी पहचान आसानी से न हो सके और उसकी कोई पैरवी करने वाला कोई न हो।
इसी साजिश के तहत उसने भिखारी को निशाना बनाया। वारदात के बाद आरोपी ने अपना पहचान पत्र और अन्य सामान शव के पास रख दिया, ताकि पुलिस उसे मृत समझे और वह मुकदमे व जेल से बच सके। हालांकि जांच में सच्चाई सामने आ गई। सबसे खास बात यह है कि भिखारी की मौत की गुथी सुलझ जरूर गई, लेकिन अभी बुजुर्ग भिखारी की शिनाख्त नहीं हो सकी है। इसके लिए जीआरपी द्वारा लगातार कोशिशें की जा रही हैं।
आरोपी आया था जिला अस्पताल उपचार कराने
जीआरपी प्रभारी सुयश कुमार के मुताबिक जब इस आरोपी रामवीर ने भिखारी को जलाकर मारा था तो वह भी जल गया था। इसलिए आरेापी जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार करान के लिए आया था। वह कुछ ही समय में प्राथमिक उपचार कराकर वहां से चला गया था। शव के पास से मिले साक्ष्य के आधार पर लगातार छानबीन की गई। तब जाकर आरोपी को पकड़ा गया। जीआरपी प्रभारी का कहना है कि भिखारी की पहचान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।




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