दुष्कर्म पीड़िता से अश्लील शर्त रखना पड़ा भारी, एसओ सस्पेंड, SP ने जांच के दिए निर्देश
बलिया में दुष्कर्म पीड़िता के आरोप पर एसपी ने बुधवार को एसओ उभांव संजय शुक्ल को सस्पेंड कर दिया। उनकी जगह पर प्रभारी डीसीआरबी सेल दिनेश पाठक को उभांव थाने की कमान सौंपी है। वहीं, पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी एएसपी (दक्षिणी) को सौंपी है।

यूपी के बलिया में दुष्कर्म पीड़िता के आरोप पर एसपी ने बुधवार को एसओ उभांव संजय शुक्ल को सस्पेंड कर दिया। उनकी जगह पर प्रभारी डीसीआरबी सेल दिनेश पाठक को उभांव थाने की कमान सौंपी है। उन्होंने पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी एएसपी (दक्षिणी)कृपा शंकर को सौंपी है। पुलिस अधीक्षक ने इसी मामले में कुछ दिनों पहले उभांव थाने पर इंस्पेक्टर क्राइम के पद पर तैनात रहे नरेश मलिक को मंगलवार को निलम्बित कर दिया था।
दरअसल, दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित रूप से जिला मुख्यालय पर पुलिस कार्यालय की अपराध शाखा में कार्यरत इंस्पेक्टर नरेश मलिक पिछले दिनों उभांव थाने पर अपराध निरीक्षक के पद पर तैनाती के समय एक कथित बलात्कार पीड़िता युवती से मोबाइल फोन पर बातचीत में अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए सुनाई दे रहा है।
सूत्रों के अनुसार, उभांव थाने में बीते 20 फरवरी को 33 वर्षीया एक युवती की तहरीर पर बिल्थरा रोड में वन विभाग में दारोगा के पद पर तैनात उग्रसेन कुमार जायसवाल के विरुद्ध बलात्कार तथा धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। दर्ज प्राथमिकी में युवती ने शिकायत की है कि उग्रसेन ने शादी का झांसा देकर उसके साथ तकरीबन छह माह तक बलात्कार किया और अब शादी करने से इंकार करते हुए इसकी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है।
बलात्कार पीड़िता ने पुलिस उप महानिरीक्षक को भेजे गये शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि दर्ज प्राथमिकी में आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल करने की आड़ लेकर उभांव थाने के प्रभारी संजय शुक्ला और तत्कालीन अपराध निरीक्षक नरेश मलिक ने उसे फोन करके अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए अकेले में मिलने के लिए बुलाया, और यह भी कहा कि जब वह उन्हें 'संतुष्ट' कर देगी तो उसकी मदद कर दी जाएगी। युवती का आरोप है कि अपराध निरीक्षक नरेश मलिक ने बातचीत के दौरान उसे अपनी मांग पूरी होने पर धन देने की भी पेशकश की।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बुधवार को बताया कि सोमवार को उनके संज्ञान में यह मामला आने पर उन्होंने निरीक्षक नरेश मलिक और उभांव थाने के प्रभारी संजय शुक्ला को मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करके मामले की जांच के आदेश दिये हैं। उत्तरी क्षेत्र के अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार शुक्ला को मामले की जांच सौंपी गई है और रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी




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