लाखों के लालच में 'कसाई' बन गया पति, पुलिस फंड के लिए महिला सिपाही और बेटे की हत्या की रची साजिश
रामपुर जिले के गंज थाना क्षेत्र में 25 फरवरी को चाकू चौराहे पर हुए हादसे में महिला सिपाही और उसके बेटे की मौत कोई सड़क हादसा नहीं था, बल्कि डबल मर्डर की सोची समझी साजिश थी।

Rampur Double Murder: रामपुर जिले के गंज थाना क्षेत्र में 25 फरवरी को चाकू चौराहे पर हुए हादसे में महिला सिपाही और उसके बेटे की मौत कोई सड़क हादसा नहीं था, बल्कि डबल मर्डर की सोची समझी साजिश थी। यह साजिश रचने वाला कोई और नहीं बल्कि महिला सिपाही का पति था। जिसने सिपाही की मौत के बाद पुलिस विभाग से मिलने वाली लाखों रुपये की रकम हड़पने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर यह खतरनाक प्लान तैयार किया था। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए महिला सिपाही के पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि,फरार दो अन्य साथियों की तलाश जारी है।
इस साजिश की पटकथा 25 फरवरी की रात गंज कोतवाली क्षेत्र में चाकू चौराहे वाली सड़क पर लिखी गई थी। मिलक के ग्राम बेहतरा निवासी दान सिंह अपनी पत्नी लता सिंह, दो साल के बेटे लड्डू और मिलक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जमापुर निवासी अपने रिश्तेदार रवि कुमार के साथ नैनीताल घूमने गए थे। लता सिंह यूपी पुलिस में सिपाही थी और उसकी पोस्टिंग श्रावस्ती जिले में थी। सभी नई कार आने की खुशी में घूमने गए थे। 25 फरवरी की रात कार दान सिंह चला रहा था। उस वक्त दावा किया गया था कि काशीपुर गांव से निकलते ही एक डंपर ने कार को साइड से टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद तुरंत कार में आग लग गई थी। देखते-देखते कार धूं-धूंकर जल उठी।
जलती कार में फंस गया था बेटा
दान सिंह और रवि तो किसी तरह से कूद गए लेकिन लता और उसका बेटा लड्डू कार में फंस गए। दान सिंह ने उनको बचाने का काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने दमकल की मदद से आग को बुझाया। हादसे में लड्डू की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि लता गंभीर रूप से झुलस गई थी। परिजन उसे बरेली ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि लता की भी मौत हो गई। इस मामले में गंज कोतवाली में अज्ञात डंपर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मगर बाद में पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया तो सबके होश उड़ गए।
खुद ही डंपर से टकरा दी थी अपनी कार
पुलिस की जांच में सामने आया कि पति ने नैनीताल से वापस आते समय बेटे और पत्नी को नींद की गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद अपनी गाड़ी का एक हिस्सा खुद ही डंपर से टकरा दिया ताकि लगे कि हादसा हुआ है। फिर चाकू चौराहे पर मौका पाकर अपने साथियों की मद्द से पेट्रोल छिड़ककर कार में आग लगा दी और खुद रिश्तेदार के साथ कार से कूद गया। इस साजिश में बच्चा तो जिंदा कार में जल गया लेकिन महिला सिपाही किसी तरह से बच गई। जिस पर अस्पताल ले जाने के बहाने पति ने महिला को दूसरी कार में लिटाया और हथौड़ी से वारकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
क्या बोले एसपी
एसपी सोमेंद्र मीना ने बताया, इस मामले में केस दर्ज करने के बाद कई तरह के तथ्य सामने आए। जिसके बाद सीओ सिटी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने सभी तथ्यों का प्रशिक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि यह हादसा नहीं एक साजिश के तहत हत्या की गई। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी की तलाश जारी है।




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