नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनने से सशक्त होंगी महिलाएं
Deoria News - देवरिया, निज संवाददाता। आजादी के बाद लोकसभा व विधानसभा में आधी आबादी का प्रतिनिधित्व

देवरिया, निज संवाददाता। आजादी के बाद लोकसभा व विधानसभा में आधी आबादी का प्रतिनिधित्व बहुत कम है। 1996 से महिला आरक्षण बिल गिरता चला आ रहा था। 17 सितम्बर 2023 को यह विधेयक संसद में पास हो गया है। अब केंद्र सरकार इस पर कानून बनाने जा रही है। महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनने से महिलाएं सशक्त होंगी।यह बातें बुधवार को नगर पालिका चेयरमैन अलका सिंह, बरहज श्वेता जायसवाल व बीआरडीपीजी कालेज की एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. भावना सिन्हा ने महिला आरक्षण बिल पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि एक आंकड़े के अनुसार देश में लगभग 70 करोड़ आधी आबादी है लेकिन आबादी के हिसाब से लोकसभा व प्रदेश की विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व मामूली है।
उन्होंने कहा कि 1952 में लोकसभा में 4 प्रतिशत थी उस अनुपात से भी देखा जाय तो वर्तमान में भी महज 14 प्रतिशत है। जो लोक सभा सदस्यों की संख्या के सापेक्ष बहुत कम है। उन्होंने ने कहा कि नए संसद भवन में यह पहला ऐतिहासिक कानून बनने जा रहा है।इस कानून के बनने से लोकसभा सदस्यों की संख्या भी दोगुनी 850 के लगभग हो जाएगी और इसमें 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण मिलने से 250 के आस पास हो जायेगी। 2029 से यह कानून लागू होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून के बनने से लोकसभा व विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इसके साथ ही 33 प्रतिशत आरक्षण में एससी-एसटी महिलाओं के लिए भी आरक्षण होगा। इस कानून के बनने से नीति निर्माण में महिलाओं की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी। इसके साथ ही महिलाओं की बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिसे पुरुष सदन में नहीं उठा पाते हैं, महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिलने पर उन्हें महिलाओं की समस्याओं को सदन में रखने का मौका मिलेगा।
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