सामाजिक आवश्यकता है नारी सशक्तिकरण- सुनीता
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर, निज संवाददाता। नारी सशक्तिकरण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक आवश्यकता है।

संतकबीरनगर, निज संवाददाता। नारी सशक्तिकरण वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक आवश्यकता है। देश की प्रगति और देश के विकास का आधार तभी मजबूत होता है जब महिलाओं को समान अधिकार अवसर और सम्मान मिले। यह बातें महिला मोर्चा की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सुनीता अग्रहरि ने आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।नारी सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं को आर्थिक सामाजिक शैक्षिक और राजनैतिक रूप से सक्षम बनाना ताकि वे अपनी इच्छाओं और निर्णयों के अनुसार जीवन जी सकें । उन्होंने कहा कि 19 सितंबर 2023 में ही नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पारित हुआ था जिसकी मंजूरी देश की राष्ट्रपति ने दी थी।
आज वही बिल आगामी 16,17,18 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाकर लाना तय हो चुका है। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधान सभाओं में 33 प्रतिशत का आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। यह बिल भारत में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम से समावेशी लोकतंत्र की स्थापना होगी, नीति निर्माण में महिलाओं की भूमिका मजबूत होगी और लैंगिक समानता की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है । क्योंकि महिलाओं का सम्मान और आत्मनिर्भरता का मतलब उन्हें निर्णय लेने का अधिकार मिलना होता है । उन्होंने कहा कि वेदो में लिखा गया है कि महिलाओं के सम्मान और आत्म सम्मान की रक्षा करना प्रत्येक राष्ट्र का दायित्व होता है। पिछले एक दशक से भारत में महिलाओं को मोदी सरकार से जो सम्मान दिया है और उससे आत्मनिर्भरता मिल रही है, उससे सामाजिक बदलाव तेजी से आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह बिल मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने वाला बिल है।
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