एससी, एसटी की एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी
एससी, एसटी की एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगीनई दिल्ली मदन जैड़ा लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान पहले से आरक्षित सीटों पर भी लागू होगा। इसके तहत...

एससी, एसटी की एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी नई दिल्ली मदन जैड़ालोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रावधान पहले से आरक्षित सीटों पर भी लागू होगा। इसके तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित एक तिहाई सीटें इसी वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी।सरकार के सूत्रों के अनुसार नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 33 फीसदी आरक्षण को आरक्षित और जनरल सभी सीटों पर समान रूप से लागू किया जाएगा। मौजूद समय में लोकसभा की करीब 24 फीसदी यानि 131 सीटें अजा तथा अजजा के लिए आरक्षित हैं। परिसीमन के बाद ये सीटें भी उसी अनुपात में बढ जाएंगी।
जब महिला आरक्षण लागू होगा तो अजा की 33 फीसदी सीटें अजा महिलाओं के लिए तथा अजजा की 33 फीसदी सीटें अजजा महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसी प्रकार शेष सामान्य वर्ग की सीटें भी 33 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी।लोकसभा की भांति राज्य विधानसभाओं में इसी प्रकार से महिला आरक्षण को लागू किया जाएगा। यानि आरक्षण के भीतर आरक्षण का फार्मूला लागू होगा।सरकारी सूत्रों ने कहा कि लोकसभा में गुरुवार को पेश लोने वाले विधेयक में हालांकि यह दर्ज नही है कि हर राज्य में लोकसभा की 50 फीसदी सीटें बढाई जाएंगी लेकिन इस पर विपक्ष की चिंता बेवजह है। विधेयक में इसका जिक्र नही होता है। पहले भी जब दो बार सीटें बढाई गई तब भी नही था इसलिए सरकार संसद में बढाई जाने वाली सीटों का ब्यौरा अलग से रखेगी ताकि कोई संदेह की गुंजाइश नही रहे।सरकार ने कहा कि दक्षिणी राज्यों की सीटें कम नही की जा रही हैं बल्कि सबकी सीटें समान रूप से 50 फीसदी बढेंगी। इसलिए लोकसभा में किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व बदलेगा नहीं। बल्कि वह पहले की भांति ही रहेगा।सरकारी सूत्रों ने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि यदि 2026 की जनगणना को आधार बनाते हैं तो 2030 से पहले परिसीमन नही हो पाएगा। जबकि कानून के प्रावधानों के तहत 2029 में महिला आरक्षण लागू किया जाना है। दरअसल, जातीय जनगणना के कारण 2026 की जनगणना के नतीजे आने में काफी समय लगेगा।सरकारी सूत्रों ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक जब 2023 में पारित हुआ था तो विपक्ष ने कहा कि जनगणना का इंतजार न किया जाए। लेकिन अब वह अपना रुख बदल रहा है और कहा रहा कि अभी क्यों कर रहे हैं?
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