Government Raises Diesel and Petrol Prices Impact on Common Man तेल की कीमतों में वृद्धि से रसोई से बाजार तक पड़ेगी महंगाई की मार, Deoria Hindi News - Hindustan
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तेल की कीमतों में वृद्धि से रसोई से बाजार तक पड़ेगी महंगाई की मार

Deoria News - देवरिया, निज संवाददाता। केंद्र सरकार द्वारा डीजल व पेट्रोल की कीमतों में की गई

Fri, 15 May 2026 07:38 PMNewswrap हिन्दुस्तान, देवरिया
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तेल की कीमतों में वृद्धि से रसोई से बाजार तक पड़ेगी महंगाई की मार

देवरिया, निज संवाददाता। केंद्र सरकार द्वारा डीजल व पेट्रोल की कीमतों में की गई वृद्धि से आम आदमी को तगड़ा झटका लगा है। कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी के चलते रसोई से लेकर बाजार तक आम आदमी पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा। डीजल का दाम बढ़ने से खाने पीने वाली वस्तुओं सहित जो ट्रांसपोर्ट से सामानों की ढुलाई होती है महंगी हो जाएगी। यही नहीं तेल के दामों में वृद्धि से सवारी ढोने वाले वाहनों का भी किराया बढ़ जाएगा। जिससे आम आदमी की जेब ढीली होगी。

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महंगाई का बोझ

संत विनोबा पीजी कॉलेज में अर्थशास्त्र के सहायक आचार्य डॉ. निखिल कुमार गौतम का कहना है कि सरकार द्वारा डीजल पेट्रोल की कीमतों के बढ़ने से इसका सीधा असर खाने पीने की वस्तुओं, दवाई व रोजमर्रा उपयोग किए जाने वाले पर पड़ेगा। डीजल का दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ जाएगा। इससे महंगाई और बढ़ेगी। अभी रसोई गैस की किल्लत को लेकर आम आदमी जूझ रहा था कि तेल दामों में वृद्धि से उनकी जेब ढीली करनी पड़ेगी। शहर के इंदिरानगर निवासी राजकुमार मणि त्रिपाठी ने कहा कि जनता पर पहले से ही महंगाई का बोझ था इस बीच तेल की दामों में वृद्धि से महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी। शहर के टीचर कालोनी निवासी सुरेन्द्र कुशवाहा का कहना है कि सरकार को आम जनता पर आर्थिक बोझ न पड़े इसका ध्यान रखते हुए तेल के दामों में वृद्धि नहीं की जानी चाहिए। पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ने से सामानों की ढुलाई का भाड़ा बढ़ जाएगा। भाड़ा जब बढ़ता है तो इसका असर आम जनता पर पड़ेगा।

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रसोई गैस का बैकलॉग

एक लाख के नीचे पहुंचा रसोई गैस का बैकलॉग

जिले में विभिन्न मिल कंपनियों के रसोई गैस की कुल 78 एजेंसियां हैं। वहीं लग्न के दौर में रसोई गैस का बैकलॉग 1 लाख के पार जा पहुंचा था। लग्न समाप्त होते ही एक लाख से नीचे पहुंच गया है। 14 मई तक के आंकड़ों पर गौर करें तो कुल 87 066 बैकलॉग है। इसके अलावा मांग व आपूर्ति में भी मामूली का रह गया है। 14 मई को 18737 मांग के सापेक्ष 18122 की आपूर्ति हुई है। जबकि कमर्शियल का भी बैकलॉग बहुत ज्यादा नहीं है। इसका बैकलॉग मात्र 84 ही है। वहीं 11,111 लोगों ने गैस के लिए बुकिंग की है।

पेट्रोल पंपों की स्थिति

जिले में दर्जन भर से अधिक पेट्रोल ड्राई

जिले में विभिन्न आयल कंपनियों के कुल 202 पेट्रोल पंप हैं। वहीं 14 मई के मिले सरकारी आंकड़ों में कुल महज छः पेट्रोल पंप ही ड्राई हैं। वहीं इसकी हकीकत कुछ और ही है। जिले भर में लगभग दर्जन भर से अधिक पेट्रोल पंप ड्राई चल रहे हैं। वहीं जिन पेट्रोल पंपों पर लोगों को तेल आने की जानकारी मिल रही है। तेल लेने के लिए भीड़ लग जा रही है। संकट के चलते पेट्रोल पंपों पर तेल की उपलब्धता नहीं हो पा रही है।

महंगाई की समस्या

डीजल पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि से घरेलू व खाद्य पदार्थों के सामानों में मूल्य में वृद्धि होने से किचेन का बजट गड़बड़ा जाएगा। अभी रसोई गैस का संकट खड़ा ही था बीच में अचानक ईंधन के दामों में हुई वृद्धि से और समस्या खड़ी हो जाएगी। सरकार को चाहिए कि जो आम आदमी की जरूरतों व खाने पीने वाली वस्तुओं पर मूल्य नियंत्रण रखे जिससे महंगाई का बोझ न बढ़े।

सत्यवती देवी, गृहणी।

डीजल पेट्रोल की कीमतों के बढ़ने से इसका सीधा असर खाने पीने की वस्तुओं, दवाई व रोजमर्रा उपयोग किए जाने वाले पर पड़ेगा। डीजल का दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ जाएगा। इससे महंगाई बढ़ेगी। एक तरफ कुछ दिन पूर्व प्रधानमंत्री ने लोगों से ईंधन की खपत कम करने की अपील किया था इस बीच आखिर डीजल पेट्रोल का दाम क्यों बढ़ा दिया गया। यह बात समझ में नहीं आ रही है।

राजेंद्र मौर्य, ट्रांसपोर्टर।

पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ने से सामानों की ढुलाई का भाड़ा बढ़ जाएगा। भाड़ा जब बढ़ता है तो इसका असर सब पर पड़ता है। जिससे महंगाई बढ़ेगी। इससे आम आदमी पर बोझ बढ़ेगा। संकट की इस घड़ी में सरकार को कोई ठोस उपाय निकालना चाहिए जिससे की आम जनता पर महंगाई का बोझ न पड़े। हमारा देश अभी विकसित नहीं विकासशील है।

शक्ति गुप्ता,

प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल।

पल्लेदारी का काम करता हूं। परिवार में कुल छह सदस्य हैं। इसी से खर्च चलता है। पहले 2 रुपया 30 पैसा प्रति बोरी लोड का मजदूरी मिलता था। पांच साल बाद मात्र 10 पैसा मजदूरी बढ़ा है। अब 2 रुपया 40 पैसा हो गया है। महंगाई बढ़ रही है और मजदूरी घट रही है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। सिर्फ फ्री में राशन मिलने से घर नहीं चलेगा उसके साथ अन्य चीजों की जरूरत पड़ती है। डीजल पेट्रोल का दाम बढ़ने से घरेलू उपयोग के सामान भी महंगे हो जाएंगे। महंगाई पर सरकार को लगाम लगाना चाहिए।

सुरेंद्र सिंह, पल्लेदार।

डीजल पेट्रोल की कीमतों में मूल्य वृद्धि कर सरकार ने आम जनता की कमर तोड़ दिया है। इससे बेतहासा महंगाई बढ़ेगी। डीजल का दाम बढ़ने से किसान पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। खेतों की जुताई महंगी हो जाएगी। खाद बीज भी महंगा होगा। प्रधानमंत्री के विदेश यात्रा पर करोड़ों रुपया खर्च हो रहा है। संचार के युग में देश विदेश गए बिना कहीं से बात हो सकती है। जनता के टैक्स के पैसे को सरकार उड़ा रही है। यदि ऐसे ही महंगाई बढ़ती रही तो जनता सड़क पर उतरने को बाध्य हो जाएगी।

सुभाष चंद्र राव,

पूर्व अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन।

डीजल का दाम बढ़ने से खेती करना और महंगा हो जाएगा। सरकार को चाहिए कि किसानों को सहूलियत सस्ते दर पर डीजल उपलब्ध कराए। जिससे कि आसानी से खेती कर सके। डीजल का दाम बढ़ने से खेतों की जुताई महंगी हो जाएगी। इसके साथ ही खाद बीज का भी मूल्य बढ़ जाएगा। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। इतना नहीं पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ने से महंगाई भी और बढ़ जाएगी। जिससे आम आदमी की कमर टूट जाएगी।

कृष्ण चंद पांडेय, किसान।

अमेरिका के दबाव में भारत रसिया से तेल खरीदने की बजाय खांडी देश से तेल खरीद रहा है। अमेरिका चाहता है कि पेमेंट डॉलर में हो। भारत यदि रसिया से तेल खरीदता तो सस्ता तेल मिलता। अमेरिका ईरान इज़राइल में युद्ध के चलते तेल महंगा हो रहा है। जब तेल महंगे दाम पर खरीदा जाएगा तो दाम बढ़ना स्वाभाविक है। डीजल पेट्रोल के दामों में वृद्धि होने से अर्थव्यवस्था पर तो निश्चित रूप से असर पड़ेगा। तेल का दाम बढ़ने से सामानों की ढुलाई महंगी होगी। जिससे सामानों की कीमतों वृद्धि होगी।

डॉ. निखिल कुमार गौतम,

सहायक आचार्य एवं अध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, संत विनोबा पीजी कॉलेज

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