दिल्ली में आग; ऐक्शन में सीएम योगी, बहुमंजिला इमारतों और होटलों में गहन जांच का निर्देश
दिल्ली के होटल में आग और 21 लोगों की मौत के बाद यूपी में भी ऐक्शन शुरू हो गया है। सीएम योगी ने होटलों और बहुमंजिला इमारतों में जांच का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विकास प्राधिकरणों, पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, अग्निशमन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों को राज्यभर में विशेष अभियान चलाकर अग्नि सुरक्षा प्रबंधों की जांच का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी बहुमंजिला इमरतों, कार्यालयों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण, वहां लगे अग्नि सुरक्षा उपकारणों की जांच की जाए। इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर होटलों की सुरक्षा जांच कराने और उनकी फायर सेफ्टी आडिट रिपोर्ट समय से पेश किए जाने का निर्देश भी दिया। वह जल्द अग्नि सुरक्षा से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे। लखनऊ-वाराणसी समेत तमाम जिलों में चेकिंग अभियान शुरू भी हो गया है।
लखनऊ में 35 होटलों की जांच, 25 में खामियां मिलीं
लखनऊ के होटलों में गुरुवार को अभियान चला। पुलिस महानिदेशक अग्निशमन सुजीत पांडेय गोमतीनगर विराजखंड स्थित होटल में निरीक्षण के लिए गुरुवार दोपहर पहुंचे। डीजी ने होटल में पानी का प्रेशर चेक किया। प्रेशर कम मिलने पर प्रबंधन को व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश दिए। इसके बाद किचन और अन्य स्थानों पर पहुंचे।
प्रवेश और निकास मार्ग देखा। किचन में कुछ अव्यवस्थाएं देखी तो उन्हें दुरुस्त कराने को कहा। फिर फीता लेकर सीढ़ियों की लंबाई चौड़ाई के मानकों की जांच की। शहर भर में बुधवार शाम से गुरुवार तक चले अभियान के दौरान 35 होटल चेक किए गए। इनमें से टुंडे कवाबी, रोवर्स, मोती महल डीलक्स समेत 25 में विभिन्न खामियां मिली।
अग्निसुरक्षा के मानकों पर जारी होगा नोटिस
शुक्रवार लखनऊ के इन सभी होटलों को नोटिस जारी किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक सुजीत पांडेय ने निरीक्षण के बाद कहा कि किसी भी भूखंड का जब इमारत बनाने के लिए नक्शा पास होता है तो उसमें अग्नि सुरक्षा के मानक होते हैं। अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाए जाते हैं। सुरक्षा के दृष्टिगत होटलों में जहां खामियां मिलेंगी नोटिस देकर जल्द से जल्द मानक पूरे कराने के निर्देश दिए जाएंगे। डीजी फायर, सीएफओ और एफएसओ पीजीआई माम चंद्र बड़गूजर ने सीढ़ियों की नाप जोख की।
इन होटल और रेस्टोरेंट में मिलीं खामियां, चेतावनी
सीएफओ ने बताया कि टुंडे कवाबी, रोवर्स, मोती महल डीलक्स के अलावा होटल विश्वनाथ समेत 25 में खामियां मिली हैं। उन्हें जल्द से जल्द मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। इन प्रतिष्ठानों को शुक्रवार को नोटिस जारी की जाएगी। खामियां समय से पूरी न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी में 34 होटल-गेस्ट हाउस की चेकिंग, 10 में मिली खामियां
वाराणसी में भेलूपुर, परेड कोठी, कोतवाली, छावनी, नदेसर, बाबतपुर समेत कई क्षेत्रों में चार टीमें निकलीं। कुल 34 होटल-गेस्ट हाउसों की जांच की गई, जिसमें 10 में खामियां मिलीं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि चेतगंज, कोतवाली, भेलूपुर, पिंडरा की टीमें चेकिंग के लिए उतरीं। कुल 34 होटलों, गेस्ट हाउसों की चेकिंग की गई। इसमें आठ होम स्टे भी थे।
इनमें फायर हाइड्रेंट, हौज, मोटर पंप, फायर सेफ्टी के लिए लगी पाइप, वाटर टैंक, भूमिगत वाटर टैंक, निकासी मार्ग, आपात निकासी द्वार, स्मोक डिटेक्टर आदि बिंदुओं पर जांच हुई। इसमें 10 गेस्ट हाउस एवं होटलों में खामियां मिलीं। इनके संचालकों को नोटिस जारी कर एक माह में मानकों को पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। तय समय में मानक पूरे न होने पर इनका संचालन बंद कराने की कार्यवाही होगी।
यह मिलीं खामियां
परेडकोठी स्थित होटल डी पॉल, प्रीति गेस्ट हाउस, बुद्धा गार्डन, शिवम होटल, ग्रैंड कॉन्टिनेंटल, गौतम ग्रैंड, राजकमल, होटल रुद्राक्ष और भेलूपुर स्थित होटल दयाल, होटल न्यू काशी में फायर हाइड्रेंट, फायर पंप, फायर टैंक, स्मोक डिटेक्टर नहीं मिले। एक्स्टिंग्यूशर की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई। आपात निकासी नहीं थी।
एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र ने बाबतपुर स्थित कार्यालय में होटल संचालकों के साथ बैठक की। फायर सेफ्टी उपकरणों की समुचित व्यवस्था, नियमित जांच एवं प्रशिक्षित स्टाफ की 24 घंटे तैनाती का निर्देश दिया। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्पष्ट रूप से चिह्नित इमरजेंसी एग्जिट अनिवार्य रूप से बनाए रखें। इस दौरान वैध लाइसेंस, होटल में ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूर्ण सत्यापन, उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने, साइबर ठगी को लेकर सतर्क रहने का निर्देश दिया।
445 होटल, गेस्ट हाउस, अपार्टमेंट को ही एनओसी
वाराणसी। वाणिज्यिक भवन हों या फिर रिहाइशी इमारतें, अधिकतर बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं। बड़े होटलों को छोड़ दें तो अन्य में आग से बचाव के नाम पर रिसेप्शन या आसपास टंगे कुछ एक्स्टिंग्यूशर ही हैं। अग्निशमन विभाग के अनुसार 445 होटल, गेस्ट हाउस, अपार्टमेंट को एनओसी जारी है। इसमें 180 अपार्टमेंट हैं। जबकि लाइसेंस लेकर करीब 750 होटल एवं गेस्ट हाउस संचालित हैं। कागजों पर बतौर अधिकृत रूप से चल रहे 750 होटल एवं गेस्ट हाउस में भी 485 को एनओसी नहीं है। ऐसे में समझा जा सकता है कि गली, कूचे में संचालित गेस्ट हाउसों में पर्यटक कैसे सुरक्षित हैं।
833 अस्पताल, क्लिनिक को एनओसी
अग्निशमन विभाग का दावा है कि जनपद में संचालित अस्पताल, क्लिनिक में से 833 को एनओजी जारी किया गया है। इसमें छोटे अस्पताल एवं क्लीनिक भी हैं। एनओसी के क्रम में अस्पतालों में फायर सेफ्टी के मानक पूरे नहीं हैं। 10 से 15 फीसदी अस्पतालों को छोड़ दें तो बाकी में आग लगने पर बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।




साइन इन