सीतापुर धर्मांतरण कांड में चार और गिरफ्तार, कानपुर से जुड़ा तार
सीतापुर पुलिस ने मिश्रिख और रामकोट में धर्म परिवर्तन कराने के मामला भंडाफोड़ करने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े चार और लोगों को सोमवार को गिरफ्तार किया है। यह लोग गरीब तबके के लोगों को पैसे का लालच देकर जाम में फंसाते थे और प्रार्थना सभाओं से जोड़कर उन्हें धर्म बदलने के लिए प्रेरित करते थे

UP News: सीतापुर पुलिस ने मिश्रिख और रामकोट में धर्म परिवर्तन कराने के मामला भंडाफोड़ करने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े चार और लोगों को सोमवार को गिरफ्तार किया है। यह लोग गरीब तबके के लोगों को पैसे का लालच देकर जाम में फंसाते थे और प्रार्थना सभाओं से जोड़कर उन्हें धर्म बदलने के लिए प्रेरित करते थे। सेंट्रल यूपी मिशन नाम से ह्वाटसएप ग्रुप बनाकर उसी के जरिए अपना नेटवर्क चला रहे थे। नेटवर्क के जरिए आर्थिक लेनदेन के मामले की भी जांच चल रही है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए केरल निवासी व्यक्ति सहित चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बातया कि वह साल 2002 से इसाई मिशनरी 'सेंट्रल यूपी मिशन' से जुड़े हैं। इस मिशन का संचालन कानपुर निवासी जोनाथन जोशुआ (जॉनी सर) करता है। जोनाथन सोशल मीडिया के जरिए अपना नेटवर्क चलाता है और विभिन्न जिलों के पादरियों को धर्म प्रचार के लिए फंडिंग भी कराता है। अभियुक्तों का मुख्य निशाना आर्थिक रूप से तंग और अशिक्षित लोग थे, जिन्हें ये लोग मुफ्त पुस्तकें व सामग्री बांटकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों में हरगांव निवासी सुरेश चंद्र, लखीमपुर के रामपुर निवासी कमलेश कुमार, लखीमपुर के फूलबेहड़ क्षेत्र के सुंदरवल निवासी श्रवण कुमार और मूल रूप से केरल निवासी व हाल पता लखीमपुर भीरा निवासी अरुण एशुदाशन शामिल हैं। एएसपी दक्षिणी दुर्गेश सिंह ने बताया कि चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अभी इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
पकड़े जाने पर व्हाट्एसऐप ग्रुप किया डिलीट, पुलिस ने रिकवर किया
लोगों को अपने धर्म परिवर्तन के मिशन का नेटवर्क चलाने के लिए आरोपी सुरेंद्र ने सेंट्रल यूपी मिशन नाम से व्हाट्एसऐप ग्रुप बना रखा था। इसी जरिए नेटवर्क का संचालन होता था। पुलिस का दावा है कि इसी ग्रुप के जरिए आरोपियों के फंड जुटाने के भी संकेत मिले हैं। पकड़े जाने के बाद आरोपी और गुप से जुड़े लोग ग्रुप छोड़ने के बाद उसे डिलीट भी कर दिया था। लेकिन पुलिस ने तकनीक की सहायता लेकर उसे रीकवर कर लिया। अब कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
घर में बनाया अवैध चर्च, वीडियो कॉल से कराता था प्रार्थनाएं
मिश्रिख इलाके में धर्म परिवर्तन के लिए मुख्य भूमिका निभाने वाला सुरेंद्र चंद्र अपने घर में अवैध चर्च भी बना लिया था। जहां वह हर शुक्रवार और रविवार को प्रार्थना सभा कराता था। प्रार्थना सभा में क्षेत्र के गरीब असहाय लोगों को इसमें शामिल कर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाता था। इतना ही नहीं आरोपी सुरेंद्र सिंह वीडियो कॉल के माध्यम से भी प्रार्थना सभाएं संचालित करता था।
मिश्रिख और रामकोट में धर्म परिवर्तन के खुलासे के बाद हरकत में आई पुलिस
मिश्रिख और रामकोट में धर्म परिवर्तन के मामले प्रकाश में आने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले को गंभीरता से लिया। जिसके नतीजें में इस बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने धर्मपरिवर्तन के मामले में रविवार को ही रामकोट थाना क्षेत्र के रामनगर खटकरी में भी धर्म परिवर्तन के आरोप में खीरी के कोतवाली सदर बक्सा मार्केट संकटा देवी निवासी मंजीत कुमार व रामकोट के रामनगर खटकरी निवासी विष्णु और देवगनपुर निवासी नन्दकिशोर मौर्य को गिरफ्तार किया था और इससे पूर्व मिश्रिख के थोक मोहल्ले से सुरेंद्र सिंह को पकड़ा गया था।
ये हुई बरामदगी
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाली पुस्तकें बरामद की है। पुलिस के मुताबिक 529 धार्मिक पुस्तकें, 151 पंफलेट और चार स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी के विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है।




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