फैशन टीवी फ्रेंचाइजी के नाम पर देश भर में करोड़ों की ठगी, यूपी पुलिस ने तीन को मुंबई से पकड़ा
जूही सिंह ने जालसाजी की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की थी। आरोप है कि वैभव ने खुद को फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए कानपुर और गोरखपुर में ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा दिया। जूही सिंह और उनके पति ने झांसे में आकर करीब एक करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।

UP News: ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले तीन जालसाजों को रामगढ़ताल पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में खुद को कंपनी का प्रबंध निदेशक बताने वाला काशिफ खान उर्फ काशीफ सरदार हाशिम खान मलिक, ऑपरेशन हेड कृष्णा देवी और वित्त नियंत्रक नवीन आहूजा उर्फ नवीन सर आहूजा शामिल हैं। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस गोरखपुर ला रही है। इस प्रकरण में एक आरोपी वैभव मणि त्रिपाठी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक महिला कर्मचारी की तलाश जारी है।
रामगढ़ताल क्षेत्र के शिवपुर कॉलोनी निवासी जूही सिंह ने जालसाजी की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की थी। जूही सिंह ‘पार्क हॉस्पिटैलिटी’ नामक फर्म संचालित करती हैं, जिसमें वैभव मणि त्रिपाठी और करुणेश प्रताप शाही अंशधारक थे। आरोप है कि वैभव ने खुद को फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए कानपुर और गोरखपुर में ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा दिया। जूही सिंह और उनके पति राकेश सिंह ने झांसे में आकर करीब एक करोड़ रुपये नकद और बैंक ट्रांजेक्शन के माध्यम से आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
यह रकम फ्रेंचाइजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेटअप के नाम पर ली गई, लेकिन न तो फ्रेंचाइजी दी गई और न ही किसी वैध अनुबंध का पालन हुआ। बाद में फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क करने पर कंपनी ने किसी भी अनुबंध से इनकार कर दिया। जांच में एग्रीमेंट पर फर्जी हस्ताक्षर पाए गए, जिसकी पुष्टि हैंड राइटिंग रिपोर्ट से हुई। पूछताछ में पहले गिरफ्तार वैभव त्रिपाठी ने मुख्य आरोपियों के नाम बताए थे।
ऐसे करते थे ठगी
आरोपी उद्यमियों को निशाना बना उन्हें फैशन टीवी ब्रांडेड बार, लाउंज, कैफे या सैलून की फ्रेंचाइजी देने का झांसा देते थे। उन्हें मुंबई के सांताक्रूज दफ्तर बुला 12.50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक वसूलते थे। फर्जी दस्तावेजों उन्हें सौंप देते थे। आरोपी एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक की विले पार्ले शाखा में रकम मंगाते थे।
मुख्य आरोपी पर कई राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे
मुख्य आरोपी काशिफ खान के खिलाफ लखनऊ, मुंबई, जयपुर, पटियाला, बडोदरा, उदयपुर, ग्वालियर, पणजी और गोरखपुर आदि शहरों में धोखाधड़ी के 12 से अधिक मामले दर्ज हैं। सीओ कैंट अरुण कुमार यश ने बताया कि मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लाया जा रहा है। पूछताछ के बाद विस्तृत खुलासा किया जाएगा।




साइन इन