Completely indigenous 9mm pistol made in Kanpur know its special features कानपुर में बनी पूरी तरह स्वदेशी 9 एमएम पिस्टल, विदेशी कंपनियों को देगी टक्कर, जानें इसकी खासियत, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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कानपुर में बनी पूरी तरह स्वदेशी 9 एमएम पिस्टल, विदेशी कंपनियों को देगी टक्कर, जानें इसकी खासियत

कानपुर में पूरी तरह स्वदेशी नाइन एमएम पिस्टल तैयार की गई है। निजी क्षेत्र की शस्त्र निर्माण कंपनी कैमस्टार डिफेंस ने इसे लांच किया है। इस पिस्टल पर एक साल रिसर्च और पांच हजार राउंड फायर टेस्ट केिया गया है। इसके बाद ही देश के सैन्य, अर्धसैन्य और पुलिस बल के लिए इसे लाया गया है।

Sat, 9 May 2026 11:29 AMPawan Kumar Sharma विशेष संवाददाता, कानपुर
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कानपुर में बनी पूरी तरह स्वदेशी 9 एमएम पिस्टल, विदेशी कंपनियों को देगी टक्कर, जानें इसकी खासियत

UP News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पूरी तरह स्वदेशी नाइन एमएम पिस्टल तैयार हो गई है। निजी क्षेत्र की शस्त्र निर्माण कंपनी कैमस्टार डिफेंस ने एक साल की रिसर्च और पांच हजार राउंड फायर टेस्ट के बाद इसे देश के सैन्य, अर्धसैन्य और पुलिस बल के लिए लांच किया है।

कैमस्टार डिफेंस का दावा है कि यह किसी निजी क्षेत्र की कंपनी द्वारा निर्मित भारत की पहली छोटी स्वदेशी नाइन एमएम पिस्टल है, जिसका कोई भी हिस्सा विदेश में नहीं बना है। यह अपनी कैटेगरी में ग्लॉक और सिग जैसी विदेशी कंपनियों पर भारत की निर्भरता खत्म कर देगी। कंपनी के निदेशक जसविंदर वीर स्याल ने कहा-सुरक्षा बल छोटे शस्त्रों में नाइन एमएम पिस्टल ही इस्तेमाल करते हैं। अब तक भारत इसके लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भर है।

कानपुर में पूर्ण स्वदेशी 9 एमएम पिस्टल तैयार

कैमस्टार डिफेंस के निदेशक कैमस्टार जसविंदर वीर स्याल का कहना है कि सैन्य अफसरों के सामने पिस्टल का प्रेजेन्टेशन हो चुका है। जल्द परीक्षण को उपलब्ध कराएंगे।

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विदेशी पिस्टलों को टक्कर

गुणवत्ता, वजन, मारक क्षमता में यह विदेशी पिस्टलों की बराबरी करती है, कीमत और रखरखाव में उनसे बेहतर है। इसमें अंतर्राष्ट्रीय मानकों के मुताबिक पॉलीमर व अन्य धातुओं का इस्तेमाल किया गया है। जरूरत के मुताबिक इसमें साइलेंसर लगाने की व्यवस्था भी है। कंपनी .30, .45 और .32 कैलिबर के पिस्टल का उत्पादन पहले से कर रही है।

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क्या है खासियत

1-स्ट्राइकर फायर तकनीक, हैमर इनबिल्ट से लैस है।

2-बेहतरीन रिक्वायल सिस्टम से जर्क नगण्य।

3-बैरल में साइलेंसर अटैचमेंट का विकल्प मौजूद है।

4-45 डिग्री तक की गर्मी और -20 डिग्री सर्दी के अनुकूल।

5-पानी में 30 मिनट तक रखने के बावजूद कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

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एक मिनट में 600 गोलियां दागेगी स्वदेशी राइफल एके-203

इससे पहले, कानपुर की स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री (एसएएफ) में तैयार हुई अत्याधुनिक असॉल्ट राइफल एके-203 का भी पूरी तरह स्वदेशीकरण किया जा चुका है। एक मिनट में 600 गोलियां दागने में सक्षम यह राइफल रूस के सहयोग से विकसित की गई थी। शुरुआत में इसके निर्माण में रूस और भारत दोनों के पार्ट्स व तकनीक का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब इसे पूरी तरह भारतीय पुर्जों से बनाया जा रहा है।

सेना को सौंपने से पहले इस स्वदेशी एके-203 के तीन चरणों में ट्रायल होंगे। पहला विंटर ट्रायल फरवरी में हिमाचल प्रदेश के सुमडो में आयोजित किया जाएगा। इसमें सेना, एसएएफ और अमेठी स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री प्रोजेक्ट कोरवा की टीम शामिल रहेगी। इसके बाद राजस्थान में भीषण गर्मी और दक्षिण भारत में बारिश के मौसम में इसका परीक्षण किया जाएगा।

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