सीएम योगी की मां पर टिप्पणी के पीछे क्या मंशा? मौलाना से गोरखपुर में एसटीएफ कर रही पूछताछ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में एसटीएफ की गोरखपुर यूनिट बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम कमर चतुर्वेदी कासमी से पूछताछ कर रही है। मौलाना ने एक तकरीर के दौरान विवादित बयान दिया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद आक्रोश फैल गया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां पर अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी के मामले में बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम कमर चतुर्वेदी कासमी से एसटीएफ गोरखपुर यूनिट पूछताछ कर रही है। अमर्यादित वीडियो के पीछे आखिर मौलाना की क्या मंशा थी, इसे समझने के लिए एसटीएफ की गोरखपुर यूनिट ने पूछताछ के लिए सोमवार को बुलाया था। फिलहाल एसटीएफ इस मामले में आगे का निर्णय पूछताछ पूरी होने के बाद लेगी।
सूत्रों के मुताबिक मौलाना ने बिहार में एक तकरीर के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश में व्यापक आक्रोश फैल गया था। कई हिंदू संगठनों और साधु-संतों ने इसका विरोध करते हुए जगह-जगह प्रदर्शन किए और मौलाना के पुतले फूंके थे। इस प्रकरण में प्रदेशभर के 84 से अधिक थानों में मौलाना के खिलाफ तहरीर दी गई और कई थानों में मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। बलरामपुर समेत विभिन्न जिलों में दर्ज मामलों के आधार पर पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। सभी केस की जांच चल रही है।
इस बीच एसटीएफ गोरखपुर यूनिट ने वीडियो के पीछे की मंशा समझने के लिए मौलाना को पूछताछ के लिए गोरखपुर बुलाया। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान विवादित बयान, उसके उद्देश्य और पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी ली गई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बयान किसी साजिश के तहत दिया गया था या नहीं। मौलाना अब्दुल्ला सलीम कासमी बिहार के रहने वाले हैं और एक इस्लामी वक्ता के रूप में जाने जाते हैं। वह पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन से जुड़े रहे थे, हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। गोरखपुर यूनिट के एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्या प्रकाश सिंह ने बताया कि वीडियो के पीछे की मंशा को समझने के लिए मौलाना को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अभी पूछताछ जारी है।
सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ केवल बयान तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह मौलाना के पिछले संपर्कों, उनके द्वारा पूर्व में दिए गए भाषणों और उनके राजनीतिक जुड़ाव की भी गहनता से पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां इस बिंदु पर भी ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि क्या ऐसे भड़काऊ बयानों के जरिए प्रदेश के सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने की कोई सोची-समझी कोशिश की गई थी। पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर जल्द ही शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं। मौलाना पर यूपी के कई नेताओं ने इनाम भी घोषित कर दिया था।




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