cm yogi adityanath assigned a big target to the schools of up saying we have zero school drop out rate सीएम योगी ने यूपी के स्कूलों को सौंपा बड़ा लक्ष्य, बोले-हमें करना ही होगा ये काम, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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सीएम योगी ने यूपी के स्कूलों को सौंपा बड़ा लक्ष्य, बोले-हमें करना ही होगा ये काम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर दोहराया कि अनुदेशकों को 17 हजार रुपये और शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये का मानदेय इसी महीने से लागू किया जाएगा। सरकार 5 लाख रुपये कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले सरकार के एजेंडे में शिक्षा नहीं थी।

Sat, 4 April 2026 08:35 PMAjay Singh विशेष संवाददाता, लखनऊ
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सीएम योगी ने यूपी के स्कूलों को सौंपा बड़ा लक्ष्य, बोले-हमें करना ही होगा ये काम

UP School News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बनारस से राज्यव्यापी 'स्कूल चलो अभियान' का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों और शिक्षकों से आह्वान किया कि स्कूलों से बच्चों का ड्रॉप आउट रेट तीन से कम कर शून्य पर लाना होगा। योगी शनिवार सुबह शिवपुर कम्पोजिट विद्यालय पहुंचे थे। अभियान के शुभारम्भ के मौके पर उन्होंने शिक्षा में किए कार्यों को गिनाया। बताया कि नौ वर्ष में लगभग 60 लाख नए बच्चों को स्कूलों से जोड़ा गया है। स्कूली शिक्षा पर लगभग 80 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इससे विद्यालयों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, पेयजल की व्यवस्था की गई। परिणाम यह रहा कि ड्रॉप आउट रेट 19 से घटकर अब मात्र तीन फीसदी रह गया है।

अनुदेशकों औऱ शिक्षामित्रों का नया मानदेय इसी महीने से

मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि अनुदेशकों को 17 हजार रुपये और शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये का मानदेय इसी महीने से लागू किया जाएगा। साथ ही सरकार पांच लाख रुपये कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

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2017 के पहले सरकार के एजेंडे में नहीं थी शिक्षा

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सरकार के एजेंडे में शिक्षा नहीं थी। बच्चों की चिंता भी नहीं थी, क्योंकि उनके लोग ही नकल कराते थे। 2017 के पहले ड्रॉप आउट रेट 19 फीसदी था। तीसरी से छठी क्लास के बाद बच्चे स्कूल छोड़ देते थे। बच्चे दिनभर घूमते, स्कूल छोड़कर भैंस चराते, तालाब, मोहल्ले, कीचड़, धूल में खेलते दिखते थे। हमने कारण पूछा तो लोग कहते थे कि स्कूल दूर है। हमने प्रदेश भर का डेटा एकत्र कराया तो निष्कर्ष में पता चला कि बच्चे स्कूल इसलिए नहीं जाते थे क्योंकि वहां शौचालय, पेयजल की व्यवस्था नहीं थी। इससे बच्चे अस्वस्थ होते थे।

चित्रकूट के डीएम की पहल को सराहा

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट डीएम का उदाहरण देकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे का प्रवेश आंगनबाड़ी केंद्र में कराया। यह काम शिक्षक भी कर सकते हैं। जहां आप पढ़ा रहे हैं, वहीं बच्चों को लेकर जाइए। बच्चा पढ़ेगा और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। सरकार बेसिक शिक्षा के विद्यालयों को संसाधन उपलब्ध करा रही है तो आप भी इन्हें कॉन्वेंट, पब्लिक स्कूल और केंद्रीय विद्यालयों की तरह कार्य करने में सक्षम बनाएं।

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एक जुलाई से पहले विद्यालयों को कर लें व्यवस्थित

योगी ने शिक्षकों से कहा कि जुलाई में स्कूल खुलने से पांच दिन पहले बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की सफाई कराएं। स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ पानी आदि के जरिए विद्यालय को व्यवस्थित करें। एक से 15 जुलाई के बीच विद्यालय आए बच्चों के पाठ्यक्रम की तैयारी कराएं। जो बच्चा नहीं आ पाया, उसे स्कूल चलो अभियान के तहत लाने की तैयारी करें। कोशिश हो कि एक भी बच्चा छूटने न पाए। बच्चों को उदाहरण, कविता, गीत, छोटे फॉर्मूले के जरिए सिखाएं तो वह आसानी से समझ जाएगा। अब रटना नहीं, बल्कि बच्चों को कौशलयुक्त ज्ञान से युक्त करना है।

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ये रहे मौजूद

इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी, विधायक नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम और सुशील सिंह, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा औऱ धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या आदि की भी मौजूदगी रही।

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