यूपी में आयुष्मान कार्ड को लेकर नया अपडेट, सरकार ने सभी जिलों के DM को सौंपा ये काम
शुरुआती दौर में आयुष्मान योजना से जुड़ने में निजी अस्पताल कन्नी काट रहे थे, लेकिन प्रदेश में साढ़े पांच करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बन जाने से अस्पतालों पर योजना का हिस्सा बनने का दबाव बढ़ गया है। हर जिले में तमाम आवेदन लंबित हैं। योजना की नोडल एजेंसी साचीज के ऑफिस पर भी भीड़ बढ़ गई है।

UP News: योगी आदित्यनाथ सरकार ने आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ी रोकने और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बड़ा कदम उठाया है। इस योजना की निगरानी अब सभी जिलों के डीएम करेंगे। आयुष्मान कार्ड बनने की स्थिति से लेकर अस्पतालों की स्थिति की नियमित समीक्षा होगी। डीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्वास्थ्य समिति यह काम करेगी। यह भी देखा जाएगा कि जिले में कितने अस्पताल योजना में जुड़े हैं और वहां इलाज की क्या स्थिति है। कितने अस्पतालों के आवेदन लंबित हैं। इस पूरी कवायद का मकसद है कि आयुष्मान कार्डधारी आम लोगों को अपना इलाज कराने में किसी तरह की दिक्कत न आए।
शुरुआती दौर में आयुष्मान योजना से जुड़ने में निजी अस्पताल कन्नी काट रहे थे, लेकिन प्रदेश में साढ़े पांच करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बन जाने से अस्पतालों पर योजना का हिस्सा बनने का दबाव बढ़ गया है। हर जिले में तमाम आवेदन लंबित हैं। योजना की नोडल एजेंसी साचीज के दफ्तर पर भी भीड़ खासी बढ़ गई है। वहीं, मानकों में ढील देकर योजना से जोड़े गए तमाम अस्पताल गड़बड़ी भी कर रहे हैं। बीते दिनों लखनऊ में हुई जांच में ऐसी ही स्थिति सामने आ चुकी है। अब आयुष्मान योजना को और प्रभावी बनाने के लिए डीएम के नेतृत्व वाली जिला स्वास्थ्य समिति को सौंपी गई है। समीक्षा का प्रारूप भी भेजा गया है।
पात्रों तक योजना की पहुंच का भी होगा आकलन
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अब अस्पतालों की सूचीबद्धता, उनकी बेड क्षमता, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और आधारभूत सुविधाओं की गहन समीक्षा होगी। जिन जिलों में अस्पताल कम जुड़े हैं, वहां कारण खोजकर जल्द सुधार करना होगा। आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया पर भी सरकार की नजर है।
हर महीने बनने वाले कार्ड, एजेंसियों की भूमिका और पात्र परिवारों तक पहुंच की स्थिति की बारीकी से जांच होगी। इलाज और क्लेम भुगतान में होने वाली देरी पर भी अब सख्ती दिखेगी। सरकार ने प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना को भी इस समीक्षा में शामिल किया है। जिलों में खुले केंद्रों की स्थिति, नए केंद्र खोलने में आ रही समस्याएं और वेंडरों से जुड़े मुद्दों पर भी रिपोर्ट ली जाएगी।
क्या बोलीं अधिकारी
सीईओ साचीज अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र परिवारों को बेहतर इलाज मुहैया कराने पर सरकार का फोकस है। इसके लिए सभी जिलों में डीएम की अध्यक्षता वाली जिला स्वास्थ्य समितियों में योजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा के लिए कहा गया है।




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