तरबूज तोड़ने पर बच्चे की हत्या, आंखें निकालीं, चेहरा कूचा; आगरा में मासूम से बर्बरता
मृतक के पिता नरेश कुशवाह ने बताया कि उनका बेटा दोपहर घर से खेत की ओर गया था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। जब काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार के लोगों ने तलाश शुरू की। इसी दौरान उसकी बहन ने खेत में खून से लथपथ उसका शव पड़ा देखा। मौके पर एक थैली में तरबूज और एक चाकू भी बरामद हुआ।

आगरा जिले के थाना बसई जगनेर क्षेत्र के गांव रंधीरपुरा में शुक्रवार को खेत से तरबूज तोड़ने पर 13 साल के किशोर की चाकू मारकर नृशंस हत्या कर दी गई। उसके सिर और चेहरे पर प्रहार किए गए। परिजनों के अनुसार किशोर की आंखें भी निकाल ली गईं। आरोपी समुदाय विशेष के होने से तनाव फैल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक किशोर का शव नहीं उठने दिया।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गांव में फोर्स तैनात कर दिया गया है। नरेश कुशवाहा का 13 वर्षीय बेटा छोटू शुक्रवार दोपहर खेतों की ओर गया था। देर शाम तक न लौटने पर छोटू की बहन भोला उसे खोजते हुए खेतों तक पहुंची। वहां उसने खेत में छोटू का खून से लथपथ शव पड़ा देखा। पास ही एक थैली में तरबूज और एक चाकू भी पड़ा मिला।
तरबूज तोड़ने पर बच्चे की निर्मम हत्या
हमलावरों ने उसके चेहरे पर इतने चाकू से वार किए कि उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया। परिजनों के अनुसार, हमले में बच्चे की आंखें तक बाहर आ गई थी। मृतक के पिता नरेश कुशवाह ने बताया कि उनका बेटा शुक्रवार दोपहर घर से खेत की ओर गया था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। जब काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार के लोगों ने तलाश शुरू की। इसी दौरान उसकी बहन ने खेत में खून से लथपथ उसका शव पड़ा देखा और घरवालों को सूचना दी। मौके पर एक थैली में तरबूज और एक चाकू भी बरामद हुआ।
हत्या के विरोध में हंगामा
परिजनों का आरोप है कि खेत को बंटाई पर लेने वाले लोगों ने तरबूज तोड़ने के विवाद में इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। गुस्साए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया और काफी देर तक शव उठाने से इनकार कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को संभालने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई। काफी समझाने के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे परिजन शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने पर राजी हुए।
सात भाई-बहनों में सबसे छोटा था छोटू
पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। अवनी सात भाई-बहनों में सबसे छोटा था और पास के एक स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। इस घटना के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में भी शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।




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