नियमित मॉनिटरिंग कर 100% पूरा करें ये काम,यूपी के सभी DM-कमिश्नर को मुख्य सचिव का आदेश
मुख्य सचिव ने वेटलैण्ड्स और रामसर साइट्स के चिन्हांकन की समीक्षा करते हुए कहा कि तालाबों का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन के लिए बेहद जरूरी है। जिन जनपदों द्वारा अब तक सूचना विभाग को भेजी नहीं गई है, वे जनपद स्तरीय वेटलैण्ड कमेटी की बैठक आयोजित कर तत्काल सूचना उपलब्ध कराएं।

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने बताया कि 2,88,70,495 के सापेक्ष अब तक 77.43 प्रतिशत किसानों का फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा सभी जनपद अंश निर्धारण के कार्य में भी तेजी लाएं।
मुख्य सचिव ने वेटलैण्ड्स और रामसर साइट्स के चिन्हांकन की समीक्षा करते हुए कहा कि तालाबों का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिन जनपदों द्वारा अब तक सूचना विभाग को भेजी नहीं गई है, वे जनपद स्तरीय वेटलैण्ड कमेटी की बैठक आयोजित कर तत्काल सूचना उपलब्ध कराएं। जनपद, तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों में हेलीपैड की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने शेष जनपदों को शीघ्र हेलीपैड निर्माण के लिए प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग को भेजने के निर्देश दिए।
खनन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए नियमित समीक्षा करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पट्टों की लंबित धनराशि समय से जमा कराई जाए तथा जिन ईंट भट्ठा संचालकों द्वारा विनिमय शुल्क जमा नहीं किया गया है, उनसे भी शीघ्र वसूली सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही परिवहन एवं खनन विभाग के समन्वय से प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाए। यह भी कहा कि बालू और मौरंग के लंबित स्टॉक लाइसेंसों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।
अंश निर्धारण में हरदोई फर्स्ट
बैठक में यह भी बताया गया कि अंश निर्धारण काम 99.95 प्रतिशत पूरा कर हरदोई जनपद प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। वहीं 98 प्रतिशत से अधिक प्रगति के साथ शाहजहांपुर, हमीरपुर, पीलीभीत, महोबा, अमरोहा, बहराइच, मुरादाबाद, ललितपुर और बदायूं जनपद शीर्ष 10 में शामिल हैं। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति की बैठक में ये बोले मुख्य सचिव
वहीं, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बुधवार को प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के अंतर्गत राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLSC) की बैठक भी हुई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को परियोजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने, किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, कृषि और उद्यान फसलों की उत्पादकता बढ़ाने तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास हेत आधुनिक तकनीकों, कृषि यंत्रों, उद्यान के क्षेत्र में नवीन शोधों यथा मखाना की खेती को बढ़ावा देने, मधुमक्खी पालन के माध्यम से शहद के उत्पादन में वृद्धि आदि कार्यक्रमों का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन कराया जाए। यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, समेकित पोषण एवं कीट प्रबंधन तथा फसलोत्तर अवसंरचना विकास पर फोकस किया जाए। किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को मजबूत करने, कृषि उद्यमिता विकास तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने विशेषकर कृषि विभाग के स्तर पर कृषि कल्याण केन्द्रों, सहकारिता विभाग के पैक्स पर गोदाम निर्माण, रेशम उत्पादन के क्षेत्र में चाकी रियरिंग सेन्टर और प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों में ऑन गोइंग विकास कार्यों को माह जून, 2026 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल विभाग (कृषि विभाग) द्वारा पीएम-आरकेवीवाई के अन्तर्गत निर्माणपरक परियोजनाओं की नियमित रूप से त्रैमासिक समीक्षा की जाए।




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