बिजनौर जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद नजरबंद, पुलिस के साथ हुई तीखी नोकझोंक
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद गुरुवार को सत्ता परिवर्तन रैली में शामिल हो रहे बिजनौर जा रहे थे। लेकिन इससे पहले पुलिस प्रशासन ने नजर बंद कर लिया। इसे लेकर सांसद की पुलिस प्रशासन से जमकर नोकझोक हुई। वहीं, एएसपी के निर्देशन में भारी पुलिस फोर्स ने उनके आवास को घेर लिया।

UP News: सत्ता परिवर्तन रैली में शामिल हो रहे बिजनौर जा रहे नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को पुलिस प्रशासन ने नजर बंद कर लिया। सांसद की पुलिस प्रशासन से जमकर नोकझोक हुई। वहीं, एएसपी के निर्देशन में भारी पुलिस फोर्स ने उनके आवास को घेर लिया। इससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
दरअसल, सत्ता परिवर्तन को लेकर बिजनौर मुख्यालय पर आजाद समाज पार्टी का गुरुवार को कार्यक्रम प्रस्तावित था। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद धामपुर स्थित आवास से भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ बिजनौर के लिए रवाना हो रहे थे। इस दौरान एएसपी पूर्वी अमित किशोर श्रीवास्तव भारी पुलिस फोर्स के साथ उनके आवास पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने आवास पर पहुंचकर सांसद चंद्रशेखर आजाद को कार्यकर्ताओं के साथ आवास में नजर बंद कर लिया। इस दौरान बिजनौर रवाना होने को लेकर सांसद चंद्रशेखर आजाद की पुलिस प्रशासन से नोक झोंक हुई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सांसद चंद्रशेखर आजाद को बिजनौर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना नहीं उन्हें दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। इस मौके पर सीओ अभय कुमार पांडे, कोतवाल मृदुल कुमार सिंह रहे।
हम संवैधानिक तरीके से काम करने वाले लोग: चंद्रशेखर
चंद्रशेखर आजाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘हम लोग संवैधानिक तरीके से काम करने वाले लोग हैं। यदि कोई भी ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसका समाधान भी संवैधानिक तरीके से ही निकालेंगे। चार-पांच थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है, लेकिन पुलिस का काम जनता की सुरक्षा करना है। पुलिस कब से लोगों को धमकाने का काम करने लगी? यदि पुलिस सत्ता के इशारे पर लोगों को धमकाने का काम करेगी, तो हम पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत कर इसका समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। हम संविधान में आस्था और विश्वास रखते हैं तथा उसी के आधार पर काम करेंगे।’
पता नहीं किसके दबाव में नहीं दी जा रही अनुमति
चंद्रशेखर ने आगे कहा, ‘अभी मैं मुख्यालय जा रहा हूं। वहां वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। यदि उन्हें यात्रा या किसी अन्य बात को लेकर कोई आपत्ति है, तो हम बैठकर उनसे बात करेंगे। हालांकि हमने हर आवश्यक अनुमति के लिए आवेदन किया था। कल रात तक भी हम अनुमति मांगते रहे। रात एक बजे तक अधिकारियों से अनुमति की मांग की गई, लेकिन पता नहीं किस दबाव में अनुमति नहीं दी जा रही है। मैं स्पष्टवादी व्यक्ति हूं। यदि सरकार मुझे मेरे लोगों के बीच जाने और अपनी बात रखने से रोकेगी, तो इसे लोकतंत्र की हत्या नहीं तो और क्या कहा जाएगा? हम इसे कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं?’
नगीना सांसद ने कहा कि जहां तक सुरक्षा का सवाल है, उसकी जरूरत तब होती है जब मैं लोगों के बीच जा रहा हूं। यदि मुझे अपने लोगों के बीच जाने ही नहीं दिया जाएगा, तो फिर उस सुरक्षा का मैं क्या करूंगा? ऐसे में सरकार मेरी सुरक्षा वापस ले ले।




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