योगी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले अखिलेश यादव ने चला महिला आरक्षण दांव, कसा तीखा तंज
सीएम योगी ने शनिवार शाम जनभवन पहुंचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इसके थोड़ी देर बाद खबर आई कि रविवार की शाम तीन बजे योगी मंत्रिमंडल विस्तार होगा। चर्चा है कि छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इनमें पूजा पाल और मनोज पांडेय का नाम भी लिया जा रहा है।

UP News : योगी मंत्रिमंडल विस्तार रविवार की शाम तीन बजे होने जा रहा है। इसके पहले शनिवार शाम समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर एक बार फिर तीखा तंज कसा। इसके साथ ही अखिलेश नरे महिला आरक्षण को लेकर एक नया दांव भी चल दिया। अखिलेश ने मंत्रिमंडल विस्तार से ही महिला आरक्षण लागू करने की मांग भी उठा दी।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा- ‘दिल्ली से पर्ची आ गयी क्या? सुना है यूपी में कैबिनेट का विस्तार हो रहा है या यूँ कहें कि मुख्यमंत्री जी की शक्ति का ‘कटाव छटाव’ हो रहा है। जिनका मंत्रिमंडल है उनसे भी तो कोई पूछ ले। हमारी माँग है कि यूपी के मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को आरक्षण दिया जाए। वैसे ये सवाल भी कुलबुला रहा है : ‘अगल-बगल’ की जोड़ी का कुछ हला-भला होगा या फिर वो ‘अगले-बगले’ ही झांकते रह जाएंगे या सिर्फ़ रील बनाते…।’
राज्यपाल से मिले सीएम योगी
सीएम योगी ने शनिवार शाम जनभवन पहुंचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इसके थोड़ी देर बाद खबर आई कि रविवार की शाम तीन बजे योगी मंत्रिमंडल विस्तार होगा। चर्चा है कि छह नए चेहरों को योगी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इनमें पूजा पाल और मनोज पांडेय का नाम भी लिया जा रहा है। पूजा पाल का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पार्टी इस दांव से कई निशाने साध सकती है। महिला और पिछड़े वर्ग का कोटा पूरा करने के साथ ही भाजपा उन्हें सपा को घेरने के लिए सियासी हथियार के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सुरेंद्र दिलेर, भूपेंद्र चौधरी के नाम भी चर्चा में हैं। इनके अलावा पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, कृष्णा पासवान, संतोष सिंह, हंसराज विश्वकर्मा, आशा मौर्य के नाम भी रेस में शामिल बताए जा रहे हैं। इनके अलावा संगठन से जुड़े ब्राह्मण चेहरे और ब्रज के एक विधायक का नाम इस फेहरिस्त में शुमार है।
न कोई मंत्री हटेगा न विभाग बदलेगा
खास बात यह है कि यह केवल विस्तार होगा, बदलाव नहीं। मतलब ये कि मंत्रिमंडल में सिर्फ छह नये चेहरे शामिल होंगे। प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के चलते किसी बड़े बदलाव पर सहमति नहीं बन सकी है। सूत्रों की मानें तो किसी मंत्री को हटाए जाने की संभावना नहीं है। विभाग बदले जाने के आसार भी कम ही हैं। कहा जा रहा है कि कुछ मंत्रियों की कार्यशैली से केंद्रीय नेतृत्व नाखुश है, तो कइयों से मुख्यमंत्री नाराज हैं। मगर चुनाव नजदीक होने के चलते इन्हें बदलने पर फैसला नहीं हो पा रहा। पार्टी का एक वर्ग यह समझाने में भी काफी हद तक सफल रहा है कि इस समय किसी मंत्री को हटाने का संदेश सही नहीं जाएगा।




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