योगी ने राज्यपाल से की मुलाकात, कल शाम 3 बजे हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार; चर्चा में ये नाम
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनभवन पहुंचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि रविवार शाम तीन बजे मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। मंत्रिमंडल में 6 नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की चर्चा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम लखनऊ में जनभवन पहुंचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि रविवार की शाम तीन बजे मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। मंत्रिमंडल में छह नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की चर्चा है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्हें लालचंद राम द्वारा लिखित पुस्तक भारतीय ज्ञान परंपरा अवधारणा पुस्तक भेंट की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है। उधर, लखनऊ के सियासी गलियारों में इसे मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले कुछ घंटों में राजधानी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां काफी बढ़ गई हैं। बताया जा रहा है कि जिन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना है उन्हें कल राजधानी लखनऊ में ही रहने को कहा गया है। मंत्रिमंडल में छह नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके भूपेंद्र चौधरी के नाम को लगभग तय बताया जा रहा है।
ये नाम हो सकते हैं शामिल
भूपेंद्र चौधरी के अलावा पूजा पाल, मनोज पांडेय, सुरेंद्र दिलेर के नाम भी लिए जा रहे हैं। पूजा पाल का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पार्टी इस दांव से कई निशाने साध सकती है। महिला और पिछड़े वर्ग का कोटा पूरा करने के साथ ही भाजपा उन्हें सपा को घेरने के लिए सियासी हथियार के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती है। इसके अलावा पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, कृष्णा पासवान, संतोष सिंह, हंसराज विश्वकर्मा, आशा मौर्य के नाम भी रेस में शामिल बताए जा रहे हैं। इनके अलावा संगठन से जुड़े ब्राह्मण चेहरे और ब्रज के एक विधायक का नाम इस फेहरिस्त में शुमार है। अटकलें हैं कि मंत्रिमंडल का विस्तार तो होगा लेकिन न तो कोई मंत्री हटाया जाएगा और न ही किसी का विभाग बदलेगा। जानकारों का कहना है कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के चलते किसी बड़े बदलाव पर सहमति नहीं बन सकी है। सूत्रों की मानें तो किसी मंत्री को हटाए जाने की संभावना नहीं है। विभाग बदले जाने के आसार भी कम ही हैं।
चुनाव करीब होने के नाते कई मंत्रियों को राहत
मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव न होने की संभावनाओं ने पार्टी के उम्रदराज मंत्रियों के साथ ही उनको भी राहत दे दी है, जिनके विभाग बदले जाने की चर्चाएं तेज थीं। बीते कुछ दिनों से इनमें से कई दिल्ली दरबार हो आए थे। कहा जा रहा है कि कुछ मंत्रियों की कार्यशैली से केंद्रीय नेतृत्व नाखुश है, तो कुछ से मुख्यमंत्री नाराज हैं। मगर चुनाव नजदीक होने के चलते इन्हें बदलने पर फैसला नहीं हो पाया। पार्टी का एक वर्ग हाईकमान को यह समझाने में भी काफी हद तक सफल रहा कि इस समय किसी मंत्री को हटाने का संदेश सही नहीं जाएगा।




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