योगी कैबिनेट का विस्तार जल्द, आज शाम राज्यपाल से मुलाकात; ये बन सकते हैं मंत्री
विधानसभा चुनाव नजदीक होने के चलते मंत्रिमंडल में किसी बड़े बदलाव को ठीक नहीं माना गया है। कहा जा रहा है कि सिर्फ कुछ नए चेहरों को शामिल कर मंत्रिमंडल का आकार बढ़ाया जाएगा। मंत्रिमंडल में छह नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। किसी के विभाग में परिवर्तन या किसी मंत्री को हटाए जाने की संभावना नहीं है।

UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार की शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार मंत्रीमंडल विस्तार की घड़ी अब बेहद करीब है। सब कुछ ठीक रहा तो एक-दो दिन में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। सूचनाओं के मुताबिक भावी मंत्रियों को संदेश मिलना शुरू हो गया है। उनसे कल लखनऊ में ही रहने को कहा गया है। इस बीच खबर है कि योगी मंत्रिमंडल में छह नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। इसमें न तो किसी मंत्री को हटाया जाएगा और न ही किसी के विभाग में कोई परिवर्तन किया जाएगा।
जानकारों का कहना है कि विधानसभा चुनाव नजदीक होने के चलते मंत्रिमंडल में किसी बड़े बदलाव को ठीक नहीं माना गया है। कहा जा रहा है कि सिर्फ कुछ नए चेहरों को शामिल कर मंत्रिमंडल का आकार बढ़ाया जाएगा। विधानसभा चुनावों के करीब आकर हाईकमान किसी को नाराज नहीं करना चाहता इसलिए किसी के विभाग में परिवर्तन या किसी मंत्री को हटाए जाने की संभावना नहीं है।
मंत्रिमंडल में इन्हें शामिल किए जाने की चर्चा
योगी मंत्रिमंडल में जिन नए नामों को शामिल किए जाने की चर्चा है उनमें पूजा पाल, मनोज पांडेय, सुरेंद्र दिलेर, भूपेंद्र चौधरी हैं। इनके अलावा पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, कृष्णा पासवान, संतोष सिंह, हंसराज विश्वकर्मा, आशा मौर्य के नाम भी रेस में शामिल बताए जा रहे हैं। इनके साथ ही संगठन से जुड़े ब्राह्मण चेहरे और ब्रज के एक विधायक का नाम भी चर्चा में है। अब सबको मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल नेताओं के नाम सामने आने का इंतजार है ताकि नामों को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग सके।
पूजा पाल के जरिए सपा को घेर सकती है भाजपा
मंत्रिमंडल विस्तार में पूजा पाल का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि भाजप इस दांव से कई निशाने साध सकती है। महिला और पिछड़े वर्ग का कोटा पूरा करने के साथ ही भाजपा उन्हें सपा को घेरने के लिए सियासी हथियार के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती है। इसके साथ ही योगी मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव न होने की चर्चाओं ने पार्टी के कई उम्रदराज मंत्रियों के साथ ही उनको भी राहत दे दी है, जिनके विभाग बदले जाने की चर्चाएं तेज थीं। सूत्रों के मुताबिक बीते कुछ दिनों से इनमें से कई नेता दिल्ली दरबार हो आए थे।
चुनाव नजदीक होने के नाते बदलाव से बच रही पार्टी
जानकारों का कहना है कि कुछ मंत्रियों की कार्यशैली से केंद्रीय नेतृत्व नाखुश है, तो कइयों से मुख्यमंत्री नाराज हैं। लेकिन चुनाव नजदीक होने के चलते इन्हें बदलने पर फैसला नहीं हो पा रहा। पार्टी का एक वर्ग नेतृत्व को यह समझाने में काफी हद तक सफल रहा कि इस समय किसी मंत्री को हटाने से अच्छा संदेश नहीं जाएगा।




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