चूल्हे पर खाना बना लोगी...सात फेरों से पहले दूल्हे ने दुल्हन से लिया वचन, जवाब सुनकर सभी हैरान
बाराबंकी में घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत ने शादी में सात फेरे से पहले ही दूल्हे को अपनी होने वाली दुल्हन से चूल्हे पर खाना बनाने के लिए पूछने को विवश कर दिया। जयमाल के स्टेज पर ही दूल्हे ने दुल्हन से पूछा कि क्या लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना पाओगी।

Barabanki News: यूपी के बाराबंकी में घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत ने शादी में सात फेरे से पहले ही दूल्हे को अपनी होने वाली दुल्हन से चूल्हे पर खाना बनाने के लिए पूछने को विवश कर दिया। जयमाल के स्टेज पर ही दूल्हे ने दुल्हन से पूछा कि क्या लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना पाओगी। अकस्मान दूल्हे के सवाल से वहां मौजूद दुल्हन के घर वाले सकपका गए लेकिन दुल्हन ने समझदारी दिखाते हुए कहा कि चूल्हे पर खाना भी बना लूंगी और जरूरत पड़ी तो खेत में भी काम कर सकती हूं। जिले में यह शादी इस समय चर्चा का विषय बन गई है। दूल्हे की शर्त मानने के बाद जयमाल का कार्यक्रम धूमधाम से संपन्न हुआ।
बाराबंकी जिले के थाना लोनी कटरा क्षेत्र के ग्राम खैरा बीरू गांव में एक अनोखी शादी इन दिनों चर्चा में बनी हुई है। यहां रहने वाले दूल्हे अशोक कश्यप की बारात गत 27 तारीख को ग्राम खानपुर पोस्ट मवई थाना मौरवा जिला उन्नाव को गई थी। अशोक कश्यप पुत्र देवीदिन कश्यप ने शादी के सात फेरे लेने से पहले अपनी होने वाली दुल्हन लक्ष्मी कश्यप पुत्री रामनरेश कश्यप के सामने एक ऐसी शर्त रख दी, जिसने वहां मौजूद लोग हतप्रभ हो गए।
गैस सिलेंडर के लिए हुई परेशानी
शादी के दिनों में दूल्हे अशोक कश्यप को घरेलू रसोई गैस सिलेंडर लेने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई दिनों तक गैस एजेंसी के चक्कर काटने पड़े, लंबी लाइन में लगना पड़ा और फिर भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाया। इस परेशानी ने दूल्हे अशोक कश्यप को इतना प्रभावित किया कि उसने शादी से पहले ही अपनी भविष्य की गृहस्थी को लेकर एक सवाल खड़ा कर दिया। जयमाल से ठीक पहले दूल्हे अशोक कश्यप ने दुल्हन लक्ष्मी कश्यप से शर्त रखते हुए कहा कि अगर भविष्य में रसोई गैस सिलेंडर की ऐसी ही किल्लत हो जाए, तो क्या वह चूल्हे पर खाना बनाने के लिए तैयार रहेंगी, यह सवाल सुनकर वहां मौजूद बाराती और घराती कुछ पल के लिए चौंक गए, लेकिन दुल्हन लक्ष्मी कश्यप ने बिना हिचकिचाए इस शर्त को स्वीकार कर लिया।
रीति रिवाज के साथ पूरी की जयमाल की रस्म
दुल्हन के इस जवाब ने न सिर्फ दूल्हे को संतुष्ट किया, बल्कि वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी। इसके बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ जयमाल की रस्म पूरी हुई और शादी का कार्यक्रम संपन्न हुआ। अशोक कश्यप के पिताजी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हमारे पास में अनामिका इंडियन गैस की एजेंसी है। शादी के पहले बेटा अशोक कश्यप कई बार गैस लेने के लिए गया तो लाइन में लगते- लगते गैस खत्म हो जाती थी और दूसरे दिन जब जाते थे तो काफी लंबी लाइन लगी होने के कारण फिर गैस नहीं मिलती थी। गैस की समस्या से परेशान होकर शादी का कार्यक्रम लकड़ियों के भरोसे से ही संपन्न हो पाया।




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