10 लाख नहीं मिले तो मुकर गया दूल्हा; शादी के जोड़े में बारात का इंतजार करती रह गई दुल्हन
संभल में परिवार की खुशियां तब गम में बदल गईं। जब 10 लाख की डिमांड पूरी नहीं होने पर दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा। इस दौरान दुल्हन शादी के जोड़े में इंतजार करती रह गई। परिजनों का कहना है कि इस मामले में पुलिस से भी शिकायत की थी। और भरोसा मिला था कि बारात तय समय पर आएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

संभल में 10 लाख की डिमांड पूरी नहीं होने पर दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा। इस दौरान शादी के जोड़े में दुल्हन बारात का इंतजार करती रह गई। लेकिन दूल्हा नहीं आया है। जिसके चलते एक परिवार की खुशियां गम में बदल गईं। दरअसल बनियाठेर थाना क्षेत्र में शादी से पहले दूल्हे के परिजनों ने दहेज में दस लाख रुपये की मांग रख दी। मांग पूरी नहीं हुई तो रविवार को दूल्हा व उसके परिजन बारात लेकर नहीं पहुंचे। ऐसे में दुल्हन सजी बैठी रह गई और तमाम मेहमान बारात का इंतजार करते रह गए। पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
बारात का इतंजार करती रह गई दुल्हन
क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने अपनी बेटी की शादी कुंदरकी क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर जमापुर में तय की थी। रिश्ता तय होने के समय लड़की पक्ष ने अपनी हैसियत से बढ़कर दूल्हे के परिवार को नकद राशि, जेवर और अन्य सामान मिलाकर करीब ढाई लाख रुपये दिए थे। शादी की तारीख 26 अप्रैल तय थी और घर में खुशी का माहौल था। रिश्तेदार आ चुके थे, पकवान तैयार थे और दुल्हन सजी-धजी अपने जीवन के नए अध्याय का इंतज़ार कर रही थी।
10 लाख नहीं मिले, तो बारात लेकर नहीं आया दूल्हा
शादी से ठीक पहले दूल्हा पक्ष ने दस लाख रुपये की अतिरिक्त मांग रख दी। लड़की पक्ष के लिए इतनी बड़ी रकम देना संभव नहीं था। जब मांग पूरी नहीं हुई तो दूल्हा और उसका परिवार बारात लेकर आने से मुकर गया। लड़की के पिता का कहना है कि शादी के कुछ दिन पहले लड़के वालों ने अचानक पैसे डिमांड रख दी। हमने असमर्थता जताई। दूल्हा शाम को बारात ही लेकर नहीं पहुंचा। बेटी इंतजार करती रह गई। पीड़ित परिवार ने 22 अप्रैल को थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और परिवार को भरोसा दिलाया कि बारात समय पर आ जाएगी।
गम में बदल गईं खुशियां
पिता ने बताया, उन्होंने रिश्ता तय होने के बाद से अब तक कई लाख का सामान दिया है, जिसमें कैश शामिल है। 10 लाख की मांग उनकी हैसियत से बाहर है। लड़के वालों ने 19 अप्रैल को पहली बार डिमांड की। पुलिस ने दूल्हा पक्ष को बात करने के लिए बुलाया था, लेकिन कोई नहीं आया। लेकिन रविवार को जब बारात नहीं पहुंची, तो सारी उम्मीदें टूट गईं। दुल्हन इंतजार करती रह गई, मेहमानों के लिए तैयार किया गया खाना बेकार हो गया और खुशियों का माहौल गम में बदल गया। एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।




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