क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों का हमला; अंपायर की मौत, खिलाड़ियों ने भागकर बचाई जान
उन्नाव के शुक्लागंज में अंडर-13 क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों के हमले में केसीए के वरिष्ठ अंपायर मानिक गुप्ता की मौत हो गई। 50 से अधिक डंक लगने से उनकी हालत बिगड़ गई। अन्य अंपायर व कई खिलाड़ी घायल हुए।

यूपी के उन्नाव जिले के शुक्लागंज स्थित राहुल सप्रू मैदान में बुधवार को आयोजित केडीएमए लीग के अंडर-13 क्रिकेट मैच के दौरान अचानक हुए मधुमक्खियों के हमले ने खेल मैदान को अफरा-तफरी में बदल दिया। मधुमक्खियों के हमले में कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (केसीए) के वरिष्ठ अंपायर मानिक गुप्ता की मौत हो गई, जबकि दूसरे अंपायर और कई खिलाड़ी घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, केसीए द्वारा अंडर-13 क्रिकेट लीग के तहत वाईएमसीसी और पैरामाउंट के बीच मैच खेला जा रहा था। मैच समाप्त होने के बाद 65 वर्षीय अंपायर मानिक गुप्ता मैदान पर दूसरे अंपायर जगदीश का इंतजार कर रहे थे, जो पास के मैदान में चल रहे मुकाबले में अंपायरिंग कर रहे थे।
किक्रेट मैच के दौरान मधुमक्खियों का हमला
इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों का बड़ा झुंड मैदान में आ गया और खिलाड़ियों तथा अंपायरों पर हमला कर दिया। हमले से बचने के लिए खिलाड़ी मैदान पर लेट गए और कुछ लोग इधर-उधर भागकर सुरक्षित स्थानों में छिप गए। अंपायर नावेद बाथरूम में जाकर बच गए, जबकि मानिक गुप्ता और जगदीश मधुमक्खियों के झुंड से घिर गए। जगदीश किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहे, लेकिन मानिक गुप्ता पर मधुमक्खियों ने करीब दस मिनट तक हमला किया, जिससे उनके शरीर पर 50 से अधिक डंक लगे। उम्र अधिक होने और पहले से हृदय रोग से पीड़ित होने के कारण उनकी हालत तेजी से बिगड़ती चली गई।
अंपायर मानिक गुप्ता की मौत
घटना के बाद मैदानकर्मियों और पूर्व रणजी खिलाड़ी राहुल सप्रू ने तुरंत उन्हें वहां से निकालकर शुक्लागंज के निजी अस्पतालों में पहुंचाया, लेकिन कई अस्पतालों ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में ही उनकी हालत गंभीर हो गई और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग भी ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
इस हमले में अंपायर सुनील निषाद सहित कई खिलाड़ी और स्कोरर भी घायल हुए हैं, हालांकि सभी खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदान परिसर में पहले से मधुमक्खियों का छत्ता मौजूद था, जिसे हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे।
चार बेटियों के पिता थे मानिक गुप्ता
फीलखाना, कानपुर निवासी मानिक गुप्ता पिछले लगभग 30 वर्षों से अंपायरिंग कर रहे थे और क्रिकेट जगत में अनुभवी एवं सम्मानित चेहरा माने जाते थे। उनके परिवार में चार बेटियां हैं, जिनमें से तीन की शादी हो चुकी है और चौथी इंटरमीडिएट की छात्रा है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है और आज सुबह भागवत दास घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।




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