बिजली कटौती से परेशान लोगों ने हरूनगला उपकेंद्र घेरा, पुलिस ने किया शांत
Bareily News - गर्मी के चलते बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई क्षेत्रों में बिजली कटौती के कारण लोग आक्रोशित हैं और उपकेंद्रों का घेराव कर रहे हैं। अधिकारियों के दावों की पोल खुल गई है क्योंकि ट्रांसफार्मर और केबल जलने की घटनाएं बढ़ी हैं। मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

बिजली व्यवस्था शुरुआती गर्मी में ही बेपटरी हो गई है। अधिकारी कार्यालयों में बैठकर बेहतर विद्युत आपूर्ति का दावा कर रहे हैं। जिम्मेदार जेई, एसडीओ से लेकर 11 केवी एक्सईएन तक के सीयूजी नंबर स्विच ऑफ हो जा रहे हैं। लोगों को कंट्रोल रूम, हेल्पडेस्क पर भी सही जानकारी नहीं दी जा रही है। गुरुवार को कई घंटे बिजली कटौती से आक्रोशित लोगों ने हरूनगला उपकेंद्र का एक नहीं बल्कि तीन बार घेराव कर हंगामा किया। एसएसओ की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर कराया शांत। पवन विहार, हरूनगला उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में खराबी के कारण गुरुवार दोपहर दो बजे से गायब बिजली रात नौ बजे तक न बहाल नहीं हुई।
जिसके चलते लोगों के इंवर्टर जवाब दे गए। इससे नाराज लोगों ने एक बार नहीं बल्कि तीन बार बिजली उपकेंद्र का घेराव कर हंमागा किया। एसएसओ ने 33 केवी लाइन में खराबी की जानकारी दी। इस कारण गणेशपुरम, सतीपुर, लक्ष्य फीडर, हरुनगला, भरतौल, पवन विहार, जगतपुर, क्रिस्टल कॉलोनी जैसे इलाकों में सात घंटे बिजली गुल रही। नाराज लोगों ने यहां पर भी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं शुक्रवार को भी इन क्षेत्रों में कई बार बिजली कटौती हुई।तापमान बढ़ा तो जलने लगे ट्रांसफार्मर, केबलतापमान बढ़ते ही ट्रांसफार्मर और बिजली के केबल जलने लगे हैं। साधना उपकेंद्र के साहू गोपीनाथ स्कूल के पास एक ट्रांसफार्मर में आग लगने से बिजली आपूर्ति तीन घंटे तक ठप रही। महेंद्र नगर फेज दो में सुबह तीन बजे एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई, जिससे शाम पांच बजे दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर ठीक किया जा सका। शुक्रवार को श्यामगंज के पास बंच केबल जलकर गिर गया। इसके कारण कई इलाकों में पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं रामपुर गार्डन जैसे पॉश इलाकों में तीन से चार घंटे बिजली कटौती शुक्रवार को हुई। इसके साथ ही शहर के और कई मोहल्लों में बिजली कटौती रही।मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर उठने लगे सवालबिजली निगम द्वारा पिछले तीन सालों से सर्दी, गर्मी व बारिश लगातार मरम्मत कार्य अलग-अलग योजनाओं से कराया जा रहा है। अधिकारी गर्मियों में निर्बाध आपूर्ति का दावा कर रहे थे, जिनकी हवा शुरुआती गर्मी में ही निकल गई है। वहीं रिवैंप, आरडीएसएस, बिजनेस प्लान, महानगर विस्तार समेत, स्मार्ट सिटी समेत अन्य योजनाओं से हुए कई करोड़ के कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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