Thousands of Women Rally in Lucknow for Women s Reservation Bill Support रैली में शामिल होने भेजी गईं शिक्षिकाएं व आंगनबाड़ी कार्यकत्री, Barabanki Hindi News - Hindustan
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रैली में शामिल होने भेजी गईं शिक्षिकाएं व आंगनबाड़ी कार्यकत्री

Barabanki News - बाराबंकी की हजारों महिलाएं महिला आरक्षण बिल के समर्थन में लखनऊ में आयोजित जन आक्रोश रैली में शामिल हुईं। इनमें शिक्षिकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और आशा बहू शामिल थीं। रैली में भेजने के लिए 150 बसों का प्रबंध किया गया था। समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर सरकारी महिला कर्मचारियों का उपयोग करने का आरोप लगाया।

Tue, 21 April 2026 11:35 PMNewswrap हिन्दुस्तान, बाराबंकी
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रैली में शामिल होने भेजी गईं शिक्षिकाएं व आंगनबाड़ी कार्यकत्री

बाराबंकी। महिला आरक्षण बिल के समर्थन में मंगलवार को जिले से हजारों की संख्या में महिलाएं लखनऊ में आयोजित जन आक्रोश रैली में शामिल होने पहुंची। बताया जा रहा है कि इसमें शिक्षिकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सहायिकाएं व आशा बहू शामिल रहीं। इन्हें लखनऊ पहुंचाने और वापस लाने के लिए अधिकारियों द्वारा 150 बसों का प्रबंध कराया गया। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भाजपा द्वारा सुनियोजित इस रैली में सरकारी महिला कर्मचारियों को सीढी बनाने का आरोप लगाया है। 150 बसों से भेजी गई महिलाएं: लखनऊ में आयोजित रैली में जिले से करीब पांच हजार महिलाओं को 150 बसों व निजी वाहनों से भेजा गया।

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बताया जा रहा है कि महिलाओं में अधिकांश शिक्षिकाएं और आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका व आशा बहू शामिल थी। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने गु्रपों पर संदेश भेजकर सूचना दी फिर संदेश को हटा दिया गया। ब्लॉकों से बीईओ, सुपरवाइजर से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों को भी लगाया गया। बंकी ब्लॉक से रैली में शामिल होने गई शिक्षिकाएं सेल्फी लेकर फोटो ग्रुपों में शेयर करती रही। महिला शिक्षिकाओं के रैली में जाने से स्कूलों में शिक्षण कार्य बाधित होने की बात कही जा रही है। कुछ शिक्षिकाओं ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उन्हें रैली के बारे में अधिकारियों ने नहीं बताया।समाजवादी पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविन्द कुमार सिंह गोप ने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार के होते हुए महिला आरक्षण बिल पास होना यह उनकी साजिश है। इसी बहाने विपक्ष को कोसने का काम किया जा रहा है। जबकि उक्त बिल 2023 में ही सदन में पास हो चुका है। सपा ने हमेशा देश की आधी आबादी को सर्वोपरि रखा। कन्या विद्याधन, लैपटॉप, छात्राओं को साइकिल आदि देने का काम किया। जिन सरकारी महिला कर्मचारियों को रैली में भेजा गया, उन माताओं बहनों को पता ही नहीं चलने दिया गया कि उन्हें कहां भेजा जा रहा है। अधिकारी पार्टी बनकर भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। वह जान लें कि परिवर्तन होगा जरूर। अधिकारी सरकारी धन का दुरुपयोग कर बसों से महिलाओं को भेजा। महिलाएं जानती हैं कि उनकी हिमायती सिर्फ समाजवादी पार्टी है। महिला आरक्षण बिल के समर्थन में सपा खड़ी है।पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पहले ही भाजपा की पोल पट्टी खोल दी है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी के घटे जनाधार से पार्टी खत्म होने की कगार पर पहुंच रही है। सपा के बढ़ते जनाधार को देखते हुए सत्ता पक्ष के नेता माताओं बहनों को गुमराह करने में लगे हैं।

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