तापमान 42 डिग्री के पार, आसमान से बरस रही आग
Balrampur News - बलरामपुर जिले में भीषण गर्मी ने प्रचंड रूप धारण कर लिया है। शुक्रवार को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं और अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रशासन ने हीट वेव के लिए अलर्ट जारी किया है।

बलरामपुर संवाददाता। जिले में भीषण गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को जिले में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। सुबह नौ बजे से ही तेज धूप और चलने वाली गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। चिलचिलाती धूप के कारण दोपहर 12 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बढ़ती गर्मी के बीच अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। दिन में चलने वाली लू के चलते प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं दूसरी ओर खेतों में काम करने वाले किसान भी इस गर्मी खासा परेशान हैं। अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में पहुंचते-पहुंचते गर्मी प्रचंड रूप धारण कर चुकी है। 42 डिग्री तापमान के साथ झुलसा देने वाली धूप ने लोगों का बाहर निकलना दूभर कर दिया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने व हीट वेव के तेज होने की संभावना जताई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी कर लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जून के अंत तक लू का प्रकोप जारी रह सकता है, जिससे हीट स्ट्रोक, बुखार, दस्त और डिहाइड्रेशन के मामलों में वृद्धि हो सकती है। शुक्रवार को अपरान्ह तीन बजे तक हालात सबसे अधिक गंभीर रहे। लोग सिर पर गमछा, दुपट्टा, टोपी और छाता का सहारा लेकर घरों से निकलते नजर आए। बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बेहद कम रही। गर्मी का असर दैनिक जीवन के हर क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और हीट वेव के प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किए जाने से छात्रों को थोड़ी राहत जरूर मिली है।दिहाड़ी मजदूर व किसानों पर पड़ रही दोहरी मार: भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर दिहाड़ी मजदूरों और किसानों पर पड़ रहा है। तेज धूप और लू के थपेड़ों के बीच मजदूरों को काम करना मजबूरी बन गया है। यदि वे काम नहीं करेंगे तो उनके परिवार की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। मजदूर पिंटू पाठक बताते हैं कि गर्मी कितनी भी बढ़ जाए पेट पालने के लिए काम करना ही पड़ता है। हर थोड़ी देर में प्यास लगती है और पानी पीकर ही राहत मिलती है। तेज धूप में काम करने से शरीर थक जाता है, लेकिन पेट की मजबूरी उन्हें रुकने नहीं देती। वहीं गर्मी के चलते खेती किसानी का काम भी प्रभावित हो रहा है। सुबह से तेज धूप होने के कारण किसान समय से खेती का काम नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरन उन्हें सुबह और शाम में दो-दो घंटे ही काम गर्मी से बचाव के उपाय: भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार दिन में अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए और शरीर को हाइड्रेट रखना चाहिए। नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और फलों का रस जैसे पेय पदार्थों का सेवन लाभदायक होता है। खीरा, तरबूज और खरबूजा जैसे पानी से भरपूर फल खाने चाहिए। दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर रखें और छाता या गमछे का उपयोग करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि वे जल्दी प्रभावित होते हैं। लू लगने के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। सावधानी और जागरूकता ही इस भीषण गर्मी से बचने का सबसे कारगर उपाय है।
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