दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे : ओवरस्पीड वाहन दौड़ाने पर ऑटोमेटिक कटेगा चालान
Bagpat News - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून इकॉनोमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। यह कॉरिडोर बागपत के 31 गांवों से गुजरता है और किसानों को मुआवजा व युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करता है। इसमें आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी और स्पीड सेंसर लगाए गए हैं। टोल गेट्स के साथ, यात्रा की लागत 675 रुपये है।

बागपत। दिल्ली-देहरादून इकॉनोमिक कॉरिडोर का आज प्रधानमंत्री सहारनपुर में उद्घाटन करेंगे। इसके बाद इस हाईटेक कॉरिडोर पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। वहीं चालकों को वाहन चालकों को वाहनों की स्पीड पर कंट्रोल करना होगा। यदि कॉरिडोर पर वाहन ओवरस्पीड दौड़े तो स्वत: चालान कट जाएगा। इसके लिए एनएचएआई ने कॉरिडोर पर सेंसर लगवाए हैं। जिनके जरिए वाहनों की स्पीड़ कंट्रोल रूम में दर्ज होती रहेगी। कार के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड निर्धारित की गई है। दिल्ली-देहरादून इकॉनोमिक कॉरिडोर बागपत जनपद के 31 से अधिक गांवों से होकर गुजर रहा है। डूंड़ाहेड़ा से लेकर मवीकलां तक यह कॉरिडोर एलिवेटिड है।
इससे आगे यह कॉरिडोर 20 से 30 फीट की ऊंचाई पर बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (मंगलवार) को सहारनपुर में इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इसकी तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि उद्घाटन के साथ ही कॉरिडोर पर वाहन दौड़ने शुरू हो जाएंगे। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि कॉरिडोर को आधुनिक तकनीक से बनाया गया है। जगह-जगह आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वाहनों की स्पीड का पता करने के लिए जगह-जगह सेंसर लगाए गए हैं। यदि कोई वाहन ओवरस्पीड में दौड़ेगा तो उसकी जानकारी सीधे कंट्रोल रूम पहुंच जाएगी। इसके बाद स्वत: ही चालान कट जाएंगा। अधिकारियों ने बताया कि मवीकलां से चढ़ने के बाद टटीरी के पास पहला टोल पड़ेगा, जहां से कॉरिडोर पर टोल लगना शुरू होगा। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से कॉरिडोर पर थानेवार डॉयल-112 की गाड़ियां तैनात रहेंगी। दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को राहत पहुंचाने के लिए हाईवे अथॉरिटी की एंबुलेंस भी तैनात रहेगी।------किसानों और युवाओं के लिए वरदान बनेगा कॉरिडोरदिल्ली-दून कॉरिडोर ने केवल दूरी ही कम नहीं की है बल्कि बागपत के युवाओं और किसानों की किस्मत बदलने का आधार भी तैयार किया है। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित हुई उन्हें उचित मुआवजा मिला है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। वहीं, युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। कॉरिडोर के आसपास के इलाकों में अब तक 50 से अधिक छोटे-बड़े उद्योग स्थापित हो चुके हैं। उद्योगपतियों की बढ़ती दिलचस्पी से यह साफ है कि आने वाले समय में बागपत एक बड़े इंडस्ट्रियल हब के रूप में उभरेगा।-----इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का नया जालदिल्ली के अक्षरधाम से बागपत के खेकड़ा तक का हिस्सा पहले ही ट्रायल के लिए चालू है। अब बागपत से देहरादून तक का रास्ता साफ होने से दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। शामली, मुजफ्फरनगर और देहरादून जाने वाले यात्रियों के समय की बचत होगी। खर्चा भी बचेगा। कॉरिडोर के साथ सर्विस रोड का भी शानदार नेटवर्क तैयार किया गया है, जिससे स्थानीय गांवों और कस्बों की कनेक्टिविटी पहले से कहीं बेहतर हो गई है। लोगों का कहना है कि बेहतर सड़कों के कारण अब यहां निवेश बढ़ रहा है और प्रॉपर्टी के दाम आसमान छू रहे हैं।----हाईटेक सुरक्षा और सीसीटीवी से लैस होगा सफरइस पूरे रूट को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, ताकि ट्रैफिक नियमों का पालन हो सके। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। आधुनिक तकनीक से तैयार किए इस मार्ग पर वाहनों की गति सीमा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।-----कितना लगेगा टोल?दिल्ली और देहरादून के बीच बने इस कॉरिडोर पर आप 14 अप्रैल (आज) से यात्रा कर सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार इस रूट पर कुल 5 टोल गेट हैं। यदि आप कार या एसयूवी से सफर करते हैं तो एक तरफ का टोल आपको 675 रुपये जमा करना होगा। दिल्ली से देहरादून आप सिर्फ 675 रुपये में पहुंच सकते हैं और अगर आपको दोनों तरफ की यात्रा करनी है तो आपको 1350 रुपये खर्च करने होंगे।-----क्या है रूट?दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश को जोड़ता है और इसमें बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर सहित कई शहर शामिल हैं। इस कॉरिडोर से चार अलग-अलग रास्ते जोड़े गए हैं। यदि आप दिल्ली की तरफ से जाएंगे तो सबसे पहले ईस्टर्न पेरिफेरेल एक्सप्रेसवे से आप इस रूट पर पहुंच सकते हैं। इसके बाद 118 किलोमीटर पर सहारनपुर के लिए अलग रूट निकलता है और यहां कुल सात इंटरचेंज है। इसके अलावा यह सहारनपुर को एनएच 307 पर गणेशपुर से जोड़ता है।-----तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे अधिकारीसोमवार को दिन निकलते ही एनएचएआई के अधिकारियों ने दिल्ली-दून कॉरिडोर पर डेरा जमा लिया। उनके साथ ठेकेदार भी थे। जिनके जरिए उन्होंने कॉरिडोर की सड़क से लेकर लाइट, कैमरे और टोल गेट के कार्य को संपन्न कराया। इस दौरान एनएचएआई के कई आला अधिकारियों ने भी बागपत पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। वहीं, वीआईपी मूवमेंट के चलते कोतवाली पुलिस भी कॉरिडोर पर डेरा जमाए रही।-----कॉरिडोर से होकर गुजरे केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरीसोमवार को मुजफ्फरनगर में जनसभा आयोजित हुई, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ रालोद सुप्रीमो एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी भी शामिल हुए। सोमवार सुबह केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी दिल्ली स्थित आवास से कारों के काफिले के साथ मुजफ्फरनगर के लिए निकले। उनके निजी सहायकों ने दिल्ली से निकलते ही जिला प्रशासन को इसकी सूचना दे दी। साथ ही मुजफ्फरनगर जाने के लिए उन्होंने दिल्ली-देहरादून इकॉनोमिक कॉरिडोर के रास्ते का चयन किया। सुबह करीब 11 बजे जयंत चौधरी का काफिला मवीकलां पहुंचा, जहां से वे दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर से होते हुए मुजफ्फरनगर पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने कई जगहों पर कॉरिडोर की गुणवत्ता को भी परखा।------सहारनपुर जाने की तैयारी में जुटे भाजपाईमंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहारनपुर पहुंचकर दिल्ली-दून कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान वे लोगों को संबोधित भी करेंगे। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी पवन शर्मा ने बताया कि बागपत से बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सहारनपुर पहुंचेंगे और कार्यक्रम को सफल बनाएंगे।र।
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