रहना-खाना, आना-जाना सब हो सकता है महंगा
Azamgarh News - पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में हुई वृद्धि से आम जन पर पड़ेगी महंगाई की मार दैनिक वस्तुओं के साथ ही परिवहन और ट्रांसपोर्ट सेवा होगी प्रभावित किसानो

आजमगढ़, संवाददाता। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि के आम जन पर चौतरफा महंगाई की मार पड़ने वाली है। रहना-खाना-घूमना सब महंगा हो जाएगा। रोजमर्रा के सामान महंगे हो जाएंगे। किसानों के साथ ही छोटे कारेबारी, श्रमिकों से लेकर सभी तबके के लोगों पर महंगाई की मार पड़ेगी। जिले में पेट्रोल के दाम में 2.97 रुपये और डीजल की कीमतों में 3.01 रुपये की वृद्धि हुई है। इससे बढ़ोतरी के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रोजमर्रा के सामानों की कीमतें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि बीते कुछ समय से लगातार जरूरी चीजों के दाम बढ़ रहे हैं। पहले रसोई गैस सिलेंडर महंगा हुआ, फिर दूध और सीएनजी के दाम बढ़े और अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। रोजमर्रा की हर चीज महंगी होती जा रही है, लेकिन आमदनी उतनी ही है। ऐसे में परिवार का खर्च संभालना मुश्किल हो गया है। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से सब्जी, फल, राशन और अन्य जरूरी सामान की ढुलाई के साथ ही यात्रा भी महंगी हो जाएगी.
महिलाएं बोलीं, बिगड़ा घर का बजट
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। ईंधन महंगा होते ही परिवहन भाड़ा में वृद्धि से सब्जी, राशन, दूध समेत अन्य दैनिक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से उनके घर का बजट बिगड़ जाएगा। सीमित आमदनी में खर्च बढ़ता जा रहा है।
तुहिना, जहानागंज,
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से इसका सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ेगा। सब्जी, राशन, दूध समेत अन्य दैनिक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बढ़ती महंगाई से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
नीलम सिंह, रामपुर
पेट्रोल एवं डीजल के कीमतें बढ़ने से आम लोगों के घरों के बजट पर प्रभाव पड़ेगा। रोजमर्रा के सामान दाल, तेल, आटा, चावल, मसाले, सब्जियां, समेत अन्य आवश्यक वस्तुएं लगातार महंगी होती जा रही हैं। महंगाई के कारण मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सविता पाठक, कादीपुर
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि से सामानों के दाम एक बार फिर बढ़ेंगे। गृहस्थी के सामानों की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आमदनी के हिसाब से लोगों का खर्च अधिक बढ़ गया है। महिलाओं को रसोई चलाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सीमा तिवारी, चंडेश्वर
बोले अन्नदाता, खेती पर पड़ेगा असर, महंगी होगी लागत
सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने से किसानों पर भी इसकी मार पड़ेगी। खेत की ट्रैक्टर से जोताई, पंपिंगसेट से सिंचाई करने में पहले की अपेक्षा खर्च ज्यादा बढ़ने से किसान प्रभावित होंगे। अनाज से लेकर सब्जिों के उत्पादन की कीमत प्रभावित होगी।
बब्वन यादव, देवगांव
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ जाएगी। खेतीबारी की लागत बढ़ने से किसानों पर महंगाई की मार पड़ेगी। लगातार कीमतें बढ़ने से मध्यम और गरीब तबके के लोग जहां पहले से परेशान थे, अब उन पर दोहरी मार पड़ेगी।
शिवगंगा सिंह, करिया गोपालपुर
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से खेत की ट्रैक्टर से जोताई करने में पहले की अपेक्षा ज्यादा खर्च आएगा। डीजल पंपिंगसेट से खेत की सिंचाई और धान की रोपाई का खर्च बढ़ जाएगा। जिससे किसानों के साथ ही मध्यम वर्गीय और गरीब वर्ग के लोग प्रभावित होंगे।
जावेद, लालगंज
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तकरीबन तीन रुपये की वृद्धि से किसान सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। खेत की जोताई, सिंचाई, रोपाई के साथ ही उर्वरक की कीमतें भी बढ़ेंगी। वहीं ट्रांसपोर्ट का भाड़ा भी बढ़ जाएगा। महंगाई की मार आम जनता पर पड़ेगी।
राकेश सिंह, लालगंज।
ट्रांसपोर्टरों ने कहा, मालभाड़ा बढ़ना तय
डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्ट का कारोबार प्रभावित होगा। अभी माल ढुलाई का भाड़ा तो नहीं बढ़ा है, लेकिन आगे वृद्धि होने की संभावना है। माला भाड़ा में वृद्धि से आवश्यक वस्तुओ की कीमतें बढ़ेंगी। इसका असर आम लोगों पर पड़ेगा।
अमित सिंह, बेलइसा
पेट्रोलियम पदार्थों के कीमतों में वृद्धि से इसका असर सभी वस्तुओं पर पड़ेगा। अधिकतर सामानें चाहे वह रोजमर्रा के हों या नहीं, सभी ट्रांसपोर्ट के माध्यम से बाहर से आते हैं। तेल की बढ़ती कीमत के बीच माल ढुलाई भाड़ा महंगा हो जाएगा।
संगम कुमार, बेलइसा
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से इसका व्यापक स्तर पर प्रभाव पड़ेगा। माल ढुलाई भाड़ा में अभी तो वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन भाड़ा बढ़ना लगभग तय है। अगर भाड़े में वृद्धि नहीं हुई तो ट्रांसपोर्टरों को क्षति उठानी पड़ेगी।
नन्हें कुमार, बेलइसा
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जो वृद्धि हुई है, उसका सभी को पहले से ही अंदाजा था। ईंधन की कीमत बढ़ने से माल भाड़ा में मामूली वृद्धि हो सकती है। जिससे अन्य वस्तुओं की कीमत भी बढ़ने की संभावना है।
पप्पू गुप्ता, बेलइसा
बोले राज्य कर्मचारी, जेब पर पड़ेगी मार
पेट्रोल और डीजल के बढ़े दामों ने परिवार का पूरा बजट खराब कर दिया है। ईंधन महंगा होने से घर से आफिस आने-जाने पर उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। अकेले पूरे घर का खर्च चलाने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
राम प्रवेश प्रसाद सिंह, बंदोबस्त अधिकारी
पेट्रोल और डीजल महंगे होने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जो रोज बाइक या कार से काम पर जाते हैं। अब हर महीने केवल पेट्रोल पर ही हजारों रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। साथ सामानों की वृद्धि होने पर उन पर दोहरी मार पड़ेगी।
संजय चौहान, पेशकार चकबंदी
लगातार बढ़ती महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है। पहले सिलेंडर महंगा हुआ, फिर दूध और अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए। जिससे आफिस आने-जाने का खर्च भी बढ़ गया है। ऐसे में घर का पूरा हिसाब गड़बड़ा गया है।
देवाशीष श्रीवास्तव, लेखाकार, शिक्षा विभाग
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का असर नौकरीपेशा तबके के लोगों की जेब पर पड़ेगा। जरूरत के सामानों के दाम बढ़ने से लोगों पर दोहरी मार पड़ेगी। लगातार बढ़ रही महंगाई से महीने का बजट बिगड़ गया है।
महेंद्र पाल सिंह, लेखाधिकारी, शिक्षा विभाग
ईंधन महंगा होने से ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का बचत कम हो गई है। अगर किराया बढ़ाते हैं तो यात्री नाराज होते हैं और नहीं बढ़ाते तो घर चलाना मुश्किल हो रहा है। इस संबंध में यूनियन के पदाधिकारियों संग बैठक की जाएगी। बैठक के बाद ही किराया बढ़ाने आदि पर विचार किया जाएगा।
कृपाशंकर पाठक, अध्यक्ष, आटो रिक्शा यूनियन संघ
डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं। प्राइवेट बस आपरेटर किराया बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। किराया बढ़ता है तो इसका असर आम जनता पर पड़ेगा। साधारण लोग ही बसों से सफर करते हैं। ऐसे में लोगों की समस्याओं को देखते हुए फिलहाल प्राइवेट बसों का किराया बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
मदन यादव, अध्यक्ष, आजमगढ़ बस आपरेटर एसोसिएशन
कीमतें बढ़ने के बाद जिले में पेट्रोल-डीजल के रेट
ईधन पूर्व में अब
पेट्रोल सादा 95.32 98.29
पेट्रोल प्रीमियम 103.89 106.89
डीजल 88.49 91.50
पंपों को 40 प्रतिशत कम दिया जा रहा पेट्रोल-डीजल
आजमगढ़ पेट्रोलियएम एसोसिएशन संघ के अध्यक्ष सुदर्शन दास अग्रवाल ने बताया कि पेट्रोलियम कंपनियों की तरफ से जिले के पंपों पर चालीस प्रतिशत कटौती कर पेट्रोल-डीजल भेजा जा रहा है। कटौती के बाद पंप संचालकों को जो पेट्रोल और डीजल मिल रहा है, उससे से काम चलाना पड़ रहा है। ऐसे में पंप संचालक भी सभी को ईंधन देने के लिए मात्रा निर्धारित कर दिए हैं।
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