चांदनी की झूठी मोहब्बत में फंस गया आयुष, धर्मांतरण कराकर नाम बदलवाया, युवती और पिता गिरफ्तार
यूपी के शामली में धर्मांतरण का मामला सामने आया है। यहां एक मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को अपने झूठे प्रेम जाल में फंसा लिया और फिर उसका धर्मांतरण कराकर शादी कर ली।

Shamli News: यूपी पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी धर्म परिवर्तन के मामले में रुक नहीं पा रहे हैं। आए दिन मुस्लिम युवकों द्वारा नाम बदलकर युवतियों को फंसाने के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इस बार जो केस सामने आा है उसके बारे में सुनकर हर कोई दंग रह गया। ताजा मामला शामली का है। यहां जिम में काम करने वाली मुस्लिम युवती ने मेडिकल व्यवसायी के बेटे आयुष को को अपनी झूठी मोहब्बत में फंसा लिया। पुलिस का दावा है कि सुनियोजित तरीके से युवती और उसके परिवार ने संपत्ति हड़पने के लिए युवक को ब्लैकमेल कर उसका धर्म परविर्तन कराकर शादी करा दी। इसमें तीन मौलवी भी शामिल रहे। एसपी ने बताया कि दोनों को जेल भेज दिया है। मौलवी एवं अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
शहर के प्रमुख दवा कारोबारी देवराज मलिक के इकलौते बेटे आयुष मलिक की चांदनी कुरैशी से शादी के लिए धर्म परिवर्तन का मामला वर्षों से दबा हुआ था। बघरा स्थित योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने चार दिन पहले इस मामले को उठाकर युवती और उसके परिजनों पर प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल कर जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगा इसे सुर्खियों में ला दिया। यशवीर महाराज ने पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। पुलिस भी मामले में सक्रिय हो गई। पुलिस एवं खुफिया विभाग ने मेडिकल व्यवसायी देवराज मलिक और उनके परिवार से पूछताछ की।
देवराज मलिक ने पुलिस को बयान देते हुए अपने बेटे की घर वापसी की इच्छा जताई लेकिन पुलिस को लिखित में शिकायत नहीं दी। इस पर पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी। उधर, कार्रवाई न होने पर यशवीर महाराज ने 12 जून को युवती के मोहल्ले कुरैशी वाली बस्ती में महापंचायत का ऐलान कर दिया। इसके बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। मेडिकल व्यवसायी देवराज ने युवती चांदनी कुरैशी एवं उसके पिता इस्लाम कुरैशी, बहन राहिल, सुमाइला, राबिया व भाई आस मोहम्मद व काजीवाड़ा निवासी हुमा पत्नी सादाब, सलीम उर्फ भोला व मौलवी मुनव्वर व दो अन्य अज्ञात मौलवी के खिलाफ शनिवार रात मुकदमा दर्ज करा दिया।
देवराज मलिक ने आरोप लगाया कि इन सभी ने मिलकर चार साल पहले फर्जी निकाहनामा दिखाकर उनके परिवार से अनुचित मांग करते हुए उनके बेटे को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर दिया। वहीं, एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में स्थिति साफ होने पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी युवती चांदनी व उसके पिता इस्लाम कुरैशी को आजाद चौक कादियान मस्जिद के सामने से गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
जिम में हुई दोनों की मुलाकात
एसपी ने बताया कि चांदनी एक फिजियोथेरेपिस्ट के यहां काम करती थी। आयुष से उसकी मुलाकात वहां हुई। इसके बाद आयुष जिम जाने लगा तो युवती उसी जिम में काम करने लगी। युवती ने आयुष को प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद भाई आस मोहम्मद, आयुष के मेडिकल स्टोर पर काम करने लगा। युवती का पिता ठेली लगाकर जूस बेचता है। पूरे परिवार ने संपत्ति हड़पने के लिए आयुष को फंसाकर उसका धर्म परिवर्तन कराया।
आयुष का नाम मोहम्मद अली रखा
एसपी के मुताबिक चार साल पहले फर्जी निकाहनामा तैयार कर और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन करा आयुष का नाम मोहम्मद अली रखा गया। एसपी ने बताया वह पूरी तरह से मुस्लिम लिबास में रह रहा है। उसके पिता से उसकी बात नहीं होती।
शामली से दिल्ली तक बुना गया धर्मांतरण का जाल
एसपी ने बताया कि इस मामले में कई धर्मगुरुओं की भी संलिप्ता सामने आ रही है। दिल्ली में तथाकथित निकाह होने की बात कही जा रही है। वहां के लोगों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। मुंबई में भी युवक को ले जाया गया। इस मामले की तह तक जाकर सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। उधर, स्वामी यशवीर महाराज का कहना है कि धर्म परिवर्तन के बाद उक्त युवक का खतना मुंबई में कराया गया। यह बिंदू पुलिस जांच में पहले से ही शामिल है। एसपी ने बताया कि पाकिस्तान के इस्लामिक गुरु डा. इसरार के सोशल मीडिया पर व्याख्यान को यह फ्लो करता है।
यशवीर महाराज महापंचायत पर अडिग
इस मामले को उठाने वाले स्वामी यशवीर महाराज ने अपने बयान की फिर से सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर 12 जून की महापंचायत को यथावत रखते हुए कहा है कि पुलिस ने आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। दो आरोपियों को जेल भी भेज दिया है, लेकिन जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। 12 जून तक सभी की गिरफ्तारी नहीं होती तो शामली में हिंदू पंचायत की जाएगी।




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