मौसम की मार: 24-25 अप्रैल को रहें सतर्क, हीट वेव के और तेज होने के आसार
Auraiya News - औरैया में गर्मी ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग ने 24-25 अप्रैल को गर्मी के चरम पर रहने की संभावना जताई है। स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका असर नजर आ रहा है, बुखार और डिहाइड्रेशन के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं।

औरैया, संवाददाता। जिले में गर्मी ने अब तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बुधवार को औरैया का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 24 और 25 अप्रैल को गर्मी अपने पीक पर रहेगी और हीट वेव के और तेज होने की संभावना है। गुरुवार को एक पश्चिमी विक्षोभ के आने की बात कही जा रही है, लेकिन इससे राहत मिलने के बजाय गर्म हवाओं का असर और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तर प्रदेश के दक्षिणी जिलों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
ऐसे में दिन के समय बाहर निकलना लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है। दोपहर में लू के थपेड़े और तेज धूप लोगों को झुलसा रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ नजर आने लगा है। जिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में बुखार, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डॉक्टरों के कक्ष के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार शरीर में पानी की कमी होने से सोडियम और पोटैशियम का स्तर गिर रहा है, जिससे चक्कर, बेचैनी और थकान की शिकायतें बढ़ रही हैं। तेज धूप के चलते सन बर्न और एलर्जी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सुरक्षा के धूप में निकलने से त्वचा पर जलन, लाल चकत्ते और खुजली की समस्या बढ़ रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। गर्मी का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी कामों के लिए ही घर से निकल रहे हैं। बाजारों में भीड़ कम हो गई है और कामकाज का समय बदलने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लू के लक्षण दिखने पर तुरंत छांव में लाएं और डॉक्टर से संपर्क करें। फिलहाल मौसम के तेवर को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रहने की जरूरत है, ताकि बढ़ते मरीजों को समय पर इलाज मिल सके और किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।गर्मी में सेहत के लिए फायदेमंद है ककड़ी व खीरागर्मी में अधिक प्यास लगना स्वाभाविक है। इतना ही नहीं बराबर पानी पीने के बाद भी प्यास नहीं बुझती। ककड़ी व खीरा में 95 प्रतिशत पानी पाया जाता है,इनके नियमित सेवन से शरीर में पानी की कमी नहीं हो पाती। इससे यह डिहाइड्रेशन से बचाने में बेहद कारगर है। गर्मी का प्रकोप बढ़ते ही नगरीय क्षेत्रों में ठेलों पर सजी ककड़ी की बिक्री शुरू हो गई है। गर्मी बढ़ने के साथ ककड़ी व खीरे की मांग बढ़ने लगी है। इसके साथ ही नगरय क्षेत्रों में ठेलिया दुकानदार ककडी व खीरे की बिक्री करने लगे हैं।सावधानियां और बचाव के उपायमेडिकल कालेज के सीएमएस डा. पवन शर्मा ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें। बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें और हल्के, सूती कपड़े पहनें। अधिक से अधिक पानी पिएं और ओआरएस, नींबू पानी, छाछ जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें। खाली पेट बाहर न निकलें और धूप से लौटने के तुरंत बाद ठंडा पानी न पिएं।
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