लखनऊ और दिल्ली में RSS के दफ्तरों पर होना था हमला, एटीएस के हत्थे चढ़े आतंकियों ने कबूला, नक्शे भी मिले
यूपी एटीएस द्वारा नोएडा से गिरफ्तार किए गए दो संदिग्ध आतंकियों, तुषार और समीर ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आतंकियों के निशाने पर दिल्ली और लखनऊ स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दफ्तर और भाजपा के बड़े नेता थे। इनके पास से दिल्ली-लखनऊ के नक्शे मिले हैं।

यूपी एटीएस द्वारा नोएडा में गुरुवार को गिरफ्तार किए गए दो संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों संदिग्ध आतंकियों ने कुबूला है कि उनकी तैयारी लखनऊ व दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के दफ्तरों पर हमला करने की थी। इसके लिए एके-47 व हैंड ग्रेनेड से हमला किया जाना था। एटीएस के सूत्रों ने बताया कि नोएडा में गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्ध आतंकियों तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और समीर खान पाकिस्तानी गैंगेस्टर शहजाद भट्टी व आबिद जट के संपर्क में थे। शहजाद भट्टी ने उनको कई टारगेट दिए थे। उनसे बड़े सरकारी भवनों में हमला करने को कहा गया था।
इसके साथ ही भाजपा व संघ के बड़े नेताओं और कार्यालयों को निशाने पर लेने का टारगेट था। इसके लिए दोनों को दिल्ली व लखनऊ के नक्शे मुहैया कराए गए थे। उन्हें दिल्ली में संघ कार्यालय और लखनऊ में संघ कार्यालय के रेकी करने की हिदायत दी गई थी। दोनों में संघ कार्यालय की रेकी भी की थी। दोनों को ही जल्द हमला करने का दिन और समय बताया जाना था। फिलहाल यूपी एटीएस दोनों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
आईएसआई हैंडलर भारत के नंबर से पाकिस्तान में बैठकर चला रहे व्हाट्सएप
मेरठ। आतंकी घटनाओं को अंजाम देने और बाकी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत के नंबर पर व्हाट्सएप एक्टिव कर इन्हें पाकिस्तान में आईएसआई के जासूस और हैंडलर चला रहे हैं। यूपी एटीएस ने जिस समीर खान को गिरफ्तार किया है, उसने फर्जी आईडी पर कुछ सिम कार्ड एक्टिव किए और इनका कोड पाकिस्तान में शहजाद भट्टी को दिया था। इसके बाद से इन नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तान में किया जा रहा है। पूर्व में गाजियाबाद में पकड़े गए मॉड्यूल ने भी इरम ने इसी तरह से कुछ नंबर को व्हाट्सएप पर एक्टिव कराकर पाकिस्तान में शहजाद भट्टी और सरदार को कोड दिए थे।
आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले आरोपी समीर खान और तुषार उर्फ हिजबुल्लाह अली से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि समीर ने शहजाद भट्टी और आईएसआई के मेजर के कहने पर दो मोबाइल सिम लिए थे। इन्हें एक्टिव कराया था। इन मोबाइल नंबर से पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट ने अपने यहां व्हाट्सएप शुरू किया। व्हाट्सएप एक्टिव करने के लिए कोड समीर के पास मौजूद मोबाइल नंबर पर आये, जो पाकिस्तान में बैठे साथियों को दे दिए थे। इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप का इस्तेमाल पाकिस्तान में ही किया जा रहा है।
यह पहला मामला नहीं है, जब ये काम किया गया है। पूर्व में गाजियाबाद में जिस टेरर मॉड्यूल का खुलासा एटीएस और आईबी ने किया था, उनके साथ मिलकर भी शहजाद भट्टी ने इसी तरह से साजिश की थी। दरअसल, इरम उर्फ महक निवासी संभल को आरोपी शहजाद ने अपने साथ मिलाया था। इसके बाद इरम से कुछ युवतियों के नंबर मांगे थे, ताकि इनकी मदद से हनीट्रैप और जासूसी का नेटवर्क बनाया जा सके।
दूसरी ओर, इरम से उनके ही कुछ परिचित के ऐसे नंबर पता किए, जो की-पैड फोन इस्तेमाल करते हैं। इन नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप शुरू किया गया, जिसे चलाने के लिए कोड इन्हीं नंबर पर आया। इसी कोड को इरम ने शहजाद भट्टी को बताया था। इसके बाद से इन मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप पाकिस्तान में चलाया जा रहा है।
इसलिए चलाते हैं भारत के नंबर पर व्हाट्सएप
पाकिस्तान के मोबाइल नंबरों को कंट्री कोड +92 है। ऐसे में पाकिस्तान के नंबर से आने वाली कॉल का पता चल जाता है। भारत में एक्टिव नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाकर वहां से कॉल की जाती है तो पता चला नहीं चलता कि नंबर पाकिस्तान में चलाया जा रहा है। इन नंबरों का इस्तेमाल खुफिया एजेंसी से बचने के लिए भी किया जाता है। यह पहला मामला नहीं, जब इस तरह से भारत के नंबरों पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चलाए जा रहे हैं। पूर्व में शामली में गिरफ्तार आतंकी ने भी दो मोबाइल फोन पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप एक्टिव कराया था।




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